कटिहार: 6 साल से बिना वेतन ड्यूटी करने का दावा, कर्णपुर स्कूल के रात्रि प्रहरी के सामने भरण-पोषण का संकट

कर्णपुर स्कूल के रात्रि प्रहरी ने 6 साल से बिना वेतन ड्यूटी करने का आरोप लगाया है. जमीन देने व नियुक्ति की शर्त का दावा. जांच की मांग.

बारसोई (कटिहार). उत्क्रमित उच्च विद्यालय कर्णपुर में पिछले करीब छह वर्षों से रात्रि प्रहरी के रूप में कार्य करने का दावा करने वाले तिलवा रविदास ने अपने पारिश्रमिक के भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग से गुहार लगाई है. कर्णपुर निवासी तिलवा रविदास, पिता सुकदेव रविदास ने बीईओ सह बीडीओ चंदन प्रसाद को आवेदन देकर बताया है कि विद्यालय की सुरक्षा के लिए छह वर्षों तक रात-दिन ड्यूटी करने के बावजूद उन्हें अब तक कोई वेतन या पारिश्रमिक नहीं मिला है. उन्होंने पूरे मामले की जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है.

पूर्वजों की जमीन विद्यालय को देने का दावा

तिलवा रविदास ने अपने आवेदन में दावा किया है कि उनके पूर्वजों ने विद्यालय के लिए 11 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराई थी. उनके अनुसार जमीन देते समय यह शर्त रखी गई थी कि विद्यालय में रात्रि प्रहरी के पद पर उनके परिवार के सदस्य को अवसर दिया जाएगा.

तिलवा का कहना है कि इसी आधार पर वह पिछले करीब छह वर्षों से विद्यालय में रात्रि प्रहरी का काम करते आ रहे हैं. हालांकि जमीन देने, नियुक्ति की शर्त और सेवा व्यवस्था से जुड़े उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

दूसरे व्यक्ति की नियुक्ति की चर्चा से उठे सवाल

आवेदक का आरोप है कि वर्तमान प्रधानाध्यापक की ओर से किसी दूसरे व्यक्ति को रात्रि प्रहरी के रूप में रखने की बात सामने आ रही है. इसे लेकर उन्होंने विभागीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग की है. तिलवा ने नियुक्ति में रुपये के लेन-देन की आशंका भी जताई है. हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाना चाहिए.

छह वर्षों की सेवा का पारिश्रमिक देने की मांग

तिलवा रविदास का कहना है कि यदि विभागीय जांच में विद्यालय में उनकी छह वर्षों की सेवा की पुष्टि होती है तो उन्हें उनके कार्य का बकाया पारिश्रमिक दिलाया जाना चाहिए. उन्होंने अपने पुत्र को भी रात्रि प्रहरी के रूप में काम करने का अवसर देने की मांग की है.

उनका कहना है कि उनका पुत्र अब वयस्क हो चुका है और विद्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल सकता है.

सेवा किस आदेश के तहत ली गई, यह भी जांच का विषय

मामले में सबसे बड़ा सवाल विद्यालय में तिलवा रविदास की सेवा को लेकर है. यदि उन्होंने वास्तव में छह वर्षों तक रात्रि प्रहरी के रूप में कार्य किया है तो उनकी सेवा किस आदेश, नियुक्ति या स्थानीय व्यवस्था के तहत ली गई, इसकी जांच जरूरी होगी.

इसके साथ ही छह वर्षों तक कार्य लेने के बावजूद भुगतान क्यों नहीं किया गया और अब किसी दूसरे व्यक्ति को रखने की बात किस आधार पर सामने आई, इन बिंदुओं की भी विभागीय जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है.

जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति

मामले को लेकर लगाए गए आरोप फिलहाल आवेदक के दावे हैं. विद्यालय प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है. ऐसे में सेवा से संबंधित दस्तावेज, विद्यालय के रिकॉर्ड और जमीन से जुड़े कागजातों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

कहते हैं अधिकारी

बीईओ सह बीडीओ चंदन प्रसाद ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है. पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अरविंद गुप्ता

अरविंद गुप्ता को पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव. पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2012 से लगातार कार्य कार्यरत हैं. वर्तमान में कटिहार जिले के बारसोई से समाचार संकलन का कार्य कर रहे हैं.

ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >