256 भूमिहीन स्कूलों को भूमि उपलब्ध कराये सरकार : तारिक

सांसद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षा व्यवस्था पर जतायी चिंता

कटिहार. सांसद तारिक अनवर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर कटिहार जिले के 256 भूमिहीन स्कूलों के लिए भूमि आवंटन की मांग की है. उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि बिहार सरकार, केंद्र सरकार द्वारा आवंटित हजारों करोड़ रुपये की निधि का समुचित उपयोग नहीं कर पा रही है. कई स्कूल ऐसे है. जिनके लिए पहले से प्रस्तावित निधि भी खर्च नहीं की गयी है. जिससे राज्य में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है. उन्होंने समग्र शिक्षा फ्रेमवर्क का हवाला देते हुए कहा कि अगर पांच वर्षों के दौरान इस राशि को खर्च नहीं किया गया तो इस राशि से कराये जाने वाले कार्य बिहार सरकार को अपने बजट से कराने होंगे. जिसका बोझ भी बिहार की जनता पर पड़ेगा. जिला कांग्रेस प्रवक्ता पंकज कुमार तमाखुवाला ने यह जानकारी देते हुए बताया कि श्री अनवर ने बिहार के 75558 सरकारी स्कूलों की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने बताया कि राज्य में 3096 स्कूल ऐसे है. जिनमें 50 से कम छात्र हैं और 5022 स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक है. इसके अलावा राज्य के 72.24 प्रतिशत सरकारी स्कूल प्रतिकूल छात्र-शिक्षक अनुपात (पीटीआर) का सामना कर रहे है. उन्होंने कहा कि कटिहार जिले की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, जहां 256 भूमिहीन स्कूल हैं. जिनमें से 127 स्कूल पहले से ही अपर्याप्त बुनियादी ढांचे वाले अन्य स्कूलों के साथ संचालित हो रहे है. भूमि आवंटन और स्कूल निर्माण में देरी से इन स्कूलों के बंद होने का खतरा बढ़ गया है. कई स्कूलों की इमारतें जर्जर हो चुकी है और फर्नीचर, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है. यह चिंता का विषय है कि बिहार सरकार समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्राप्त निधि का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पा रही है. जिससे राज्य के स्कूलों का बुनियादी ढांचा प्रभावित हो रहा है. श्री अनवर ने कहा कि कटिहार सहित बिहार में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कई बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्य वर्षों से लंबित है. इन कार्यों में लड़कियों के शौचालय, विज्ञान प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लासरूम और कौशल शिक्षा प्रयोगशालाओं का निर्माण शामिल है. सांसद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे स्कूलों की वर्तमान स्थिति का सर्वेक्षण कर, आवश्यकतानुसार आवंटित निधि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें. राज्य में शिक्षा के भविष्य को सुरक्षित करने और बच्चों को बेहतर शिक्षा वातावरण प्रदान करने के लिए यह आवश्यक है कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाय.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >