– सदर अस्पताल परिसर में जागरूकता कार्यक्रम कटिहार विश्व ऑटिज्म दिवस पर बुधवार को कोशी क्षेत्रीय विकलांग विधवा वृद्ध कल्याण समिति कटिहार की ओर से सदर अस्पताल परिसर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम और संगोष्ठी का आयोजन किया. कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और समझ को बढ़ावा देना था. उद्घाटन सदर अस्पताल परिसर के मनोचिकित्सक डॉ आभा कुमारी, शिव शंकर रमानी, भूतपूर्व सैनिक सागर कुमार यादव और मेराज आलम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर डॉ आभा कुमारी ने कहा कि ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है. बल्कि एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है. ऐसे बच्चों को सहानुभूति की नहीं, बल्कि हमारा साथ, प्यार और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है. यदि सही समय पर पहचान और थेरेपी मिले तो ये बच्चे भी समाज की मुख्यधारा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते है. समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह बोर्ड सदस्य, राष्ट्रीय न्यास, भारत सरकार और संस्था के महासचिव मोहन कुमार ने कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा कि सरकारी स्तर पर ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलायी जा रही है. उन्होंने जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस विकार को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना हमारी प्राथमिकता है. कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे सदस्य, बिहार राज्य सलाहकार बोर्ड, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के सदस्य शिव शंकर रमानी ने कहा कि समाज कल्याण विभाग निरंतर दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहा है. उन्होंने विश्वास दिलाया कि ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों के विकास और शिक्षा के लिए विभाग हर संभव सहायता प्रदान करेगा. अंत में कोशी क्षेत्रीय विकलांग विधवा वृद्ध कल्याण समिति के सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे कटिहार और आस-पास के क्षेत्रों में ऑटिज्म के प्रति जागरूकता अभियान को निरंतर जारी रखेंगे. सागर कुमार सुमन, मेराज आलम, राजीव कुमार सिंह, रवि कुमार दास, आशा देवी, लोको, जूली शर्मा शौकत हुसैन, सुनीता देवी, शान, मरजीना खातून आदि कार्यकर्ता प्रमुख रूप से शामिल थे.
ऑटिज्म ग्रसित बच्चों को सहानुभूति नहीं, प्यार व सही मार्गदर्शन दें
ऑटिज्म ग्रसित बच्चों को सहानुभूति नहीं, प्यार व सही मार्गदर्शन दें
