कटिहार जिले के कुरसेला थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-31) के किनारे शुक्रवार की देर रात एक बड़ा हादसा होने से टल गया. हाईवे के किनारे स्टोर करके रखे गए मक्के के पुआल (कड़बी) के एक विशाल ढेर में अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई. सूखी कड़बी होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और लपटें आसमान छूने लगीं. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.
घनी बस्तियों के मुहाने पर भड़की आग, मची अफरा-तफरी
घटनाक्रम के अनुसार, एनएच-31 पर स्थित प्रसिद्ध चिंताहरण मंदिर के समीप कुछ ग्रामीणों ने अपने मवेशियों के चारे और जलावन के लिए भारी मात्रा में मक्के का पुआल जमा कर रखा था:
- अचानक भड़कीं लपटें: रात के सन्नाटे में अचानक पुआल के ढेर से धुएं के साथ ऊंची लपटें उठने लगीं. एनएच के किनारे लगी इस आग की भयावहता को देखकर पास की घनी आबादी वाली कुरसेला बस्ती और टेंगरिया टोला के ग्रामीणों में हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई.
- बचाव कार्य: लोग घरों से बाहर निकल आए और अपने स्तर से बाल्टियों से पानी डालकर आग की तीव्रता को कम करने के प्रयास में जुट गए. साथ ही इसकी त्वरित सूचना कुरसेला थाना पुलिस को दी गई.
दमकल की तत्परता से बची सैकड़ों जिंदगियां
थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड के वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया:
- घरों तक फैलने से रोका: दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचते ही पानी की तेज बौछारें (वाटर कैनन) शुरू कर दीं. पुआल के ढेर के ठीक पीछे ही रिहायशी मकान शुरू हो रहे थे, लेकिन दमकल की मुस्तैदी से आग को आगे बढ़ने से रोक दिया गया.
- नुकसान का आकलन: इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि (कोई हताहत या घायल) नहीं हुई है, जो एक बड़ी राहत की बात है. हालांकि, पशुपालकों का हजारों रुपये का पुआल जलकर पूरी तरह राख हो गया है.
एनएच के किनारे अवैध अतिक्रमण पर भड़के स्थानीय लोग
आग लगने के सटीक कारणों (शॉर्ट सर्किट या किसी सुलगती बीड़ी-सिगरेट) का अब तक आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल सका है, पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है.
इस बीच, हादसे को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखा गया. प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि एनएच-31 के किनारे सर्विस लेन और मुख्य सड़क से सटाकर पुआल का ढेर लगाना और अवैध अतिक्रमण करना एक आम बात हो गई है, जिसे विभाग नजरअंदाज करता है. यदि समय रहते दमकल की गाड़ी नहीं पहुंचती, तो दो बड़े मोहल्ले इस आग की चपेट में आ सकते थे. पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर शिकायत दर्ज कर ली है.
