कुरसेला. मौसम के अनुकूल होने से क्षेत्र में आलू के बेहतर पैदावार होने की उम्मीद है. औसत रूप से फरवरी से मार्च के बीच आलू फसल तैयार हो जायेगा. अगात खेती करने वाले किसानों ने खेतों से आलू निकालने का कार्य प्रारंभ कर दिया है. वर्तमान में किसानों को आलू की कीमतें अच्छी मिल रही है. बताया जाता है कि विलंब से खेतों से आलू निकालने वाले किसानों को आलू के मूल्कों में गिरावट आने की आशंका बनी रहती है. आलू खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी जलवायू होने से परिक्षेत्र के किसान सैकड़ों हेक्टयर क्षेत्र में नगदी फसल के रूप में आलू की खेती करते हैं. इस वर्ष भी किसानों ने आलू की खेती कर रखी है. कृषक कड़ी मेहनत और मौसम के अनुकूल होने से आलू के बेहतर पैदावार होने की उम्मीद है. पैदावार बाद आलू भंडारण का संसाधन नहीं होने से किसान को बाजार के तय दाम पर आलू बिक्री करने के लिए विवश होना पड़ता है. कुरसेला के आसपास क्षेत्रों में शीतगृह नहीं होने से किसानों को आलू भंडारण करने की परेशानी होती है. भंडारण के लिए बीते दो दशक पूर्व कुरसेला में शीत गृह हुआ करता था. कतिपय वजह से यह शीत गृह बंद हो गया. शीतगृह के बंद पड़ने से किसानों के समक्ष आलू भंडारण का साधन सुविधा खत्म हो गया. जिससे आलू की उपज करने वाले किसानों में मायूसी रहती है. इन स्थितियों में परिक्षेत्र में आलू खेती के विस्तार का संभावना क्षीण पड़ गयी. सरकारी स्तर पर अबतक शीतगृह बनाने की दिशा में पहल और कार्य नहीं हो पाया है. बताया जाता है कि आलू भंडारण के लिए शीतगृह बनने से इस खेती को बढ़ावा मिलेगा. किसानों को भंडारण सुविधा से आलू फसल की सुरक्षा मिलेगा.
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