दो सप्ताह बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण, प्रशासनिक सख्ती के दावे हवा-हवाई

बारसोई नपं को अतिक्रमणमुक्त बनाने को अनुमंडल प्रशासन की बैठकें व सख्त निर्देशों के बावजूद दो सप्ताह बीत जाने के बाद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी

बैठक, निर्देश व चेतावनी तक सीमित रही कार्रवाई, जाम व अतिक्रमण से लोग बेहाल

कटिहार के बारसाई से रिपोर्ट,

बारसोई नगर पंचायत क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त बनाने को लेकर अनुमंडल प्रशासन की ओर से की गयी उच्चस्तरीय बैठक व सख्त निर्देशों के बावजूद दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है. नतीजतन नगर पंचायत क्षेत्र की सड़कें आज भी अतिक्रमणकारियों के कब्जे में हैं. आमलोगों को रोजाना जाम, अव्यवस्था तथा आवागमन की परेशानी झेलनी पड़ रही है. प्रशासनिक घोषणा व वास्तविक स्थिति के बीच बढ़ती दूरी को लेकर स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है. अनुमंडल पदाधिकारी राजू कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नगर पंचायत, राजस्व, पुलिस व प्रखंड प्रशासन के अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए थे. बैठक में सड़क किनारे अवैध कब्जा करने वालों, चौकी-बेंच लगाकर व्यवसाय करने वालों तथा सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण फैलाने वालों के विरुद्ध अभियान चलाने, जुर्माना लगाने और आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिकी दर्ज करने तक की बात कही गई थी.

नपं की प्रमुख सड़कों की नापी व सीमांकन का लिया गया था निर्णय

नगर पंचायत क्षेत्र की प्रमुख सड़कों की नापी व सीमांकन कराने का भी निर्णय लिया गया था. लेकिन बैठक के पंद्रह दिन बाद भी न तो अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू हुआ और न ही किसी अतिक्रमणकारी के विरुद्ध कार्रवाई की सूचना सामने आई है. इंदिरा चौक, गुमटी क्षेत्र, शहीद शुभम सिंह चौक से रास चौक तक का बाजार मार्ग, पोस्ट ऑफिस रोड, विष्णु मंदिर मार्ग तथा अन्य प्रमुख सड़कें आज भी अतिक्रमण की चपेट में हैं. सड़कों पर फैली दुकानें और अव्यवस्थित वाहन परिचालन के कारण जाम की समस्या यथावत बनी हुई है. बारसोई नगर पंचायत के स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अतिक्रमण की समस्या को लेकर यह कोई पहली बैठक नहीं है. इससे पूर्व भी कई बार बैठकें आयोजित के समाचार प्राप्त हुए हैं. अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. लेकिन हर बार मामला सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित रह जाता है. लोगों ने कहा कि बैठक कर निर्देश देना आसान है, लेकिन जब तक धरातल पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है.

बार-बार होती हैं बैठकें पर जमीन पर कुछ नहीं

बार-बार बैठकें होती हैं, आदेश जारी होते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद सब कुछ पहले जैसा हो जाता है. इससे लोगों का प्रशासन पर से विश्वास कमजोर हो रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही कार्रवाई शुरू नहीं की तो बारसोई बाजार की यातायात व्यवस्था और अधिक बदतर हो जायेगी. लोगों ने प्रशासन से घोषणा व निर्देशों से आगे बढ़कर प्रभावी कार्रवाई करने तथा अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध अभियान चलाने की मांग की है. अब लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि दो सप्ताह पहले किए गए सख्त दावों को धरातल पर उतारा जाता है या फिर यह कार्रवाई भी पूर्व की बैठकों की तरह केवल सरकारी फाइलों तक ही सिमटकर रह जायेगी.

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Author: RAJKISHOR K

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