अमदाबाद प्रखंड के बैदा पंचायत में शनिवार के रात एक रात्रि रजाए मुस्तफा कॉन्फ्रेंस जलसे का आयोजन किया गया. आयोजित जलसे के दौरान तीन बच्चों की दस्तारबंदी की गयी. जानकारी देते हुए कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद हसनैन ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी जलसे का आयोजन किया गया है. जलसे में नेपाल, पश्चिम बंगाल, बिहार व वराणस के मौलाना शिरकत किये थे. मुखिया प्रतिनिधि जमाल सहित सैकड़ो ग्रामीण जलसे में शामिल हुए. मौजूद ईलाहाबाद से आये मौलाना गुलाम रब्बानी ने कहा कि जलसा के माध्यम से धर्म से संबंधित जानकारी देना. लोगों को बुराई से बचाना. जलसे के माध्यम से शिक्षा पर जोर दिया गया. कहा कि दहेज लेना व शराब पीना मुस्लिम धर्म में हराम है, मां-बाप की सेवा करना ही सबसे बड़ी इबादत है. देश में अमन व शांति बात कहा गया. अपने वतन के लिए हमेशा वफादार रहना चाहिए. देश में अमन व शांति कायम रहे इसको लेकर दुआ भी की गयी. वहीं जलसे को सफल बनाने के लिए मोहम्मद सफीक, अब्दुल रजजाक, मेजर आलम, सलाउद्दीन, शाहबाज, खुर्शीद, मुस्ताक, फरीद सहित अन्य ग्रामीणों का अहम योगदान रहा. इस जलसे को सुनने के लिए सैकड़ो की संख्या में महिला व पुरुष शामिल हुए थे.
जलसे में शिक्षा पर जोर, दहेज लेना व शराब पीना मुस्लिम धर्म में हराम- गुलाम रब्बानी
जलसे में शिक्षा पर जोर, दहेज लेना व शराब पीना मुस्लिम धर्म में हराम- गुलाम रब्बानी
