कटिहार त्याग और समर्पण का प्रतीक बकरीद पर्व गुरुवार को जिलेभर में भाईचारे एवं शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया. शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के सभी मस्जिदों और ईदगाहों में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई. नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी और अमन-चैन की दुआ मांगी. शहर के बड़ी ईदगाह ललियाही में पूर्णिया से आए मौलाना डॉ मोसोवीर रजा ने नमाज अदा करायी. नमाज के दौरान लोगों ने अपने घर-परिवार, समाज और देश में शांति एवं खुशहाली के लिए खुदा से दुआ मांगी. साथ ही भूलवश हुए गुनाहों की माफी मांगते हुए सब पर रहमत बरसाने की दुआ की. जिन लोगों की नमाज छूट गई थी, उनके लिए दोबारा नमाज अदा कराई गयी. नमाज के बाद मौलाना ने बकरीद पर्व के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि यह पर्व त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश देता है. सदियों से चली आ रही परंपरा को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाना चाहिए. उन्होंने कुर्बानी के मांस को तीन हिस्सों में बांटने की बात कही. जिसमें पहला हिस्सा गरीब एवं जरूरतमंदों के लिए, दूसरा सगे-संबंधियों के लिए तथा तीसरा हिस्सा अपने परिवार के लिए रखने की अपील की. बकरीद को लेकर जिला प्रशासन की ओर से भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे. नमाज स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया. जिससे नमाजियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा. सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन की ओर से भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे. ईदगाह के सचिव मिस्टर, कोषाध्यक्ष रमजानी अंसारी, जाहिद आदि नमाजियों के लिए बेहतर वत्वस्था में लगे रहे.
अकीदत के साथ पढ़ी गयी ललियाही बड़ी ईदगाह में बकरीद की नमाज

अकीदत के साथ पढ़ी गयी ललियाही बड़ी ईदगाह में बकरीद की नमाज
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अकीदत के साथ पढ़ी गयी ललियाही बड़ी ईदगाह में बकरीद की नमाज