कैमूर जिले के दुर्गावती महाविद्यालय बिछियाँ, डुमरी की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के तत्वावधान में सोमवार को 'नशामुक्त भारत अभियान' के तहत एक दिवसीय जन-जागरूकता रैली एवं शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति सचेत करना और उन्हें एक स्वस्थ व नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा.
नशा व्यक्ति ही नहीं, पूरे समाज की प्रगति रोकता है: प्राचार्या
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुषमा कुमारी सिंह ने की. उन्होंने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर महाविद्यालय प्रांगन से रवाना किया. अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्या ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज की प्रगति को बाधित करता है. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहें, बल्कि समाज को इस सामाजिक कुरीति से मुक्त कराने में आगे आएं.
प्राध्यापकों व छात्र-छात्राओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के दौरान अनुशासन समिति के अध्यक्ष सह सहायक प्राध्यापक विवेक कुमार सिंह ने उपस्थित सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों, एनएसएस स्वयंसेवकों और छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई. सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे जीवन में कभी किसी प्रकार का नशा नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके खिलाफ जागरूक करेंगे.
हाथों में तख्तियां और गूंजे प्रेरणादायक नारे
कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन NSS कार्यक्रम पदाधिकारी रविशंकर पाण्डेय दीपक के नेतृत्व में संपन्न हुआ. स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रैली निकालकर जन-जागरण किया. रैली के दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में संदेशात्मक तख्तियां लेकर विभिन्न नारे लगाए:
- "नशा छोड़ो–जीवन जोड़ो"
- "स्वस्थ युवा–सशक्त भारत"
- "नशामुक्त भारत–विकसित भारत"
शिक्षकों और कर्मचारियों की रही सक्रिय सहभागिता
इस जागरूकता अभियान में महाविद्यालय परिवार के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे. मुख्य रूप से उप प्राचार्य प्रभात कुमार पाण्डेय, नोडल पदाधिकारी डॉ. जितेंद्र पाण्डेय, विवेक कुमार सिंह, डॉ. बदरे आलम, डॉ. अलका सिंह, इमरान खान, रोशनी कुमारी, परवेज अहमद, अमरेन्द्र सहाय और कुंदन सिंह सहित अनेक प्राध्यापकों ने सक्रिय भूमिका निभाई.
