कोढ़ा प्रखंड के सभी पंचायतों में लगभग पांच वर्ष पूर्व सरकारी योजना के तहत विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर सोलर चलित स्ट्रीट लाइटें लगायी गयी थी. इन सोलर लाइटों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि के समय प्रकाश की व्यवस्था कर सुरक्षा व सुविधा बढ़ाना था. लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि अधिकांश सोलर लाइटें बैटरी खराब हो जाने के कारण बंद पड़ी हैं. उनका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है. कोलासी क्षेत्र में सार्वजनिक दुर्गा मंदिर परिसर, सार्वजनिक शिव मंदिर परिसर, काली माता मंदिर परिसर सहित अन्य कई स्थानों पर लगी सोलर लाइटें कई महीनो से बंद हैं. लोगों का कहना है कि यदि इन सोलर लाइटों की केवल बैटरी बदल दी जाय. तो ये लाइटें फिर से अगले कई वर्षों तक सुचारू रूप से कार्य कर सकती हैं. इससे न सिर्फ अंधेरे की समस्या दूर होगी. नई लाइट लगाने पर होने वाले सरकारी खर्च की भी बचत होगी. हालांकि सभी पंचायत में पिछले कई महीने पूर्व सोलर लाइट लगायी गयी थी. ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय मंदिर परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर अंधेरा रहने से असामाजिक तत्वों का भय बना रहता है. खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. लोगों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मांग की है कि बंद पड़ी सोलर लाइटों का सर्वे कराकर जल्द से जल्द उनकी बैटरी बदली जाय. स्थानीय नागरिकों का मानना है कि सोलर लाइटें पर्यावरण के अनुकूल और किफायती व्यवस्था हैं. समय पर रखरखाव के अभाव में करोड़ों की सरकारी संपत्ति बेकार पड़ी है. यदि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाए, तो पूरे कोढ़ा प्रखंड में एक बार फिर रात के समय रोशनी लौट सकती है.
सोलर लाइट खराब रहने से ग्रामीणों को नहीं मिल रहा कोई लाभ
सोलर लाइट खराब रहने से ग्रामीणों को नहीं मिल रहा कोई लाभ
