– कॉलेज गेट पर अतिक्रमण से शिक्षक, कर्मी के साथ विद्यार्थी को हो रहे परेशान कटिहार शहरी क्षेत्र में हाेने वाले जलजमाव व घरों से निकलने वाले वाले गंदा पानी निकासी को लेकर बुडको की ओर से 220 करोड़ की राशि से स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज का निर्माण किया जा रहा है. अतिक्रमणकारियों की वजह से कार्य धीमी गति से हो रहा है. इन दिनों पूवोत्तर बिहार का नामी गिरामी डीएस कॉलेज के सामने ड्रेनेज निर्माण कार्य किया जा रहा है. उक्त जगहों पर से अतिक्रमणकारियों को हटाकर कार्य शुरू किया गया. कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ कि अतिक्रमणकारियों का कब्जा करने का काम शुरू हो गया. कॉलेज के मेन गेट पर दुकानों के सजाने से शिक्षक, कर्मचारियों से लेकर विद्यार्थी को आवागमन में परेशानी हो रही है. छात्र संगठनों की शिकायत पर कॉलेज प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन से लेकर नगर निगम प्रशासन तक को सूचना दिया जाता है. अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों को हटाया जाता है. ठोस कार्रवाई नहीं होने की वजह से अतिक्रमणकारी पुन: अपनी जगह पर दुकान सजाने लगते हैं. नवनामांकित छात्र-छात्राओं को चर्चित डीएस कॉलेज को खोजबीन करने में कठिनाई होती है. कॉलेज के मुख्यद्वार पर अतिक्रमणकारियों के कब्जा होने की वजह से कॉलेज में प्रवेश करना उनलोगों के लिए के जी का जंजाल साबित हो जाता है. कॉलेज के प्रधान सहायक डॉ एए ओंकार का कहना है कि कॉलेज के मुख्यद्वार पर ही अतिक्रमण रहने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है. परेशानी तब और बढ़ जाती है जब परीक्षा संचालित होती है. छात्र के की भीड़ और अतिक्रमणकारियो के बीच कभी कभी तू- तू मैं- मैं की स्थिति आ जाती है. उनका कहना है कि कॉलेज के चारदिवारी तोड़कर कॉलेज के बीचों बीच रास्ता बना लिया गया है. इतना ही नहीं कॉलेज के अंदर मवेशियों का पालन से कॉलेज की शोभा पर बट्टा लग रहा है. टोटो, ऑटो से हर दिन जाम, परीक्षा के दौरान मारामारी अभाविप के प्रांती सह मंत्री विनय कुमार सिंह, सत्यम कुमार समेत अन्य का कहना है कि डीएस कॉलेज एनएच 81 किनारे अवस्थित है. इस दौरान टाेटो व ऑटो चालकों की मनमानी के कारण आये दिन मुख्यद्वार पर जाम की समस्या से छात्र परेशान हो जाते हैं. खासकर परीक्षा के दौरान टोटो व ऑटो चालकों की इतनी मनमानी हो जाती है कि मारपीट की नौबत आ जाती है. जाम से छात्रों को एनएच 81 के पार होना जी का जंजाल साबित हो जाता है. उनलाेगों ने बताया कि परिवहन विभाग की उदासीनता के कारण इस तरह की समस्याओं से छात्रों को भी दोचार होना पड़ जाता है. पूर्व में भी कॉलेज प्रशासन से इसको लेकर शिकायत की गयी थी. आज तक इस ओर गंभीर नहीं होने की वजह से छात्रों को परेशान होना पड़ रहा है. निगम प्रशासन को बार -बार किया जाता है पत्राचार कॉलेज प्रशासन की ओर से पूर्व में भी कॉलेज के मुख्यद्वार पर जमे अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए निगम प्रशासन को पत्राचार किया था. कई बार कॉलेज प्रबंधन की ओर से मौखिक रूप से अतिक्रमणकारियों को हटाने को लेकर आग्रह किया गया था. निगम द्वारा अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों को हटाया जाता है. लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने की वजह से पुन: अतिक्रमणकारी आ धमकते हैं. डॉ संजय कुमार सिंह, प्राचार्य, डीएस कॉलेज, कटिहार
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