आपदा से बचाव: रुको, लेटो व लुढ़को को आत्मसात करने पर जोर

आपदा से बचाव: रुको, लेटो व लुढ़को को आत्मसात करने पर जोर

डंडखोरा सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के तहत शनिवार को अगलगी व विद्युतघात से बचाव की जानकारी दी गयी. उत्क्रमित मध्य विद्यालय संगत टोला डंडखोरा में विद्यालय के प्रधानाध्यापक लालबिहारी पासवान की देखरेख में सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान विशिष्ट शिक्षिका ज्योति कुमारी ने आग लगने से बचाव की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अगर कपड़ों में आग लग जाय तो रुको, लेटो व लुढ़को के सिद्धांत को अपनाकर खुद का बचाव करना चाहिए. कहा कि रुको का अर्थ है दौड़ना बंद करें. लेटो को अर्थ है जमीन पर लेट जाएं और लुढ़को का अर्थ है जमीन पर लुढ़ककर आग बुझाएं. उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम में कई सावधानियां बरतने की जरूरत है. घरों में खाना बनाने की बाद अच्छा ढंग से चूल्हा को पानी से बुझा देना चाहिए और माचिस व गैस से नही खेलना चाहिए वही बिजली से लगी आग पर पानी कदापि नही डालना चाहिए. इस दौरान ज्योति कुमारी ने विद्युत करंट से बचाव के लिए भी कई उपायों को बताया. गीले हाथ से स्विच या उपकरण नही छूने, बिजली के खंभे और ट्रांसफॉर्मर के पास नही खेलने व टूटे या खुले तार से दूर रहने को कहा. साथ ही बारिश में गीले पोल या तार को नही छूने की सलाह दी. अगर किसी को करंट लगने पर सबसे पहले बिजली का स्विच बंद करने व उस व्यक्ति को लकड़ी या सूखी चीज से अलग करने को कहा.

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Author: RAJKISHOR K

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