जर्जर हवा महल बना ग्रामीणों के लिए खतरा

जर्जर हवा महल बना ग्रामीणों के लिए खतरा

पांच साै महादलित आबादी बुनियादी सुविधाओं से वंचित कोढ़ा प्रखंड के महिनाथपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड 9 एवं 10 में बना हवामहल पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है, लगभग 10 वर्ष पूर्व निर्मित यह भवन अब ग्रामीणों के लिए सुविधा की जगह परेशानी और खतरे का कारण बन गया है. वार्ड में 65 घरों के साथ लगभग 500 की संख्या में महादलित समुदाय के लोग निवास करते हैं. हवामहल की छत से लगातार पानी टपकता है और फर्श पूरी तरह टूट चुका है. गर्मी के दिनों में जहां यह स्थान ग्रामीणों के लिए एकमात्र सहारा होता था. अब इसकी बदहाली के कारण लोग यहां ठहरने से भी कतराते हैं,स्थानीय ग्रामीण छट्ठ ऋषि, बेचन ऋषि, सहदेव ऋषि और नरेश ऋषि ने प्रशासन से इस हवामहल के पुनर्निर्माण की मांग की है. कहा, यह भवन न सिर्फ आराम का साधन था, बल्कि सामाजिक गतिविधियों का भी केंद्र था. मरम्मत बेहद जरूरी है,इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या शिक्षा को लेकर भी सामने आई है. वार्ड से प्राथमिक विद्यालय महेशवा बहरखाल की दूरी लगभग 2 किलोमीटर है. दूरी और उचित साधन के अभाव में अधिकांश बच्चे स्कूल नहीं जा पाते. वार्ड में नाला होने के बावजूद जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है, नाले का निकास नहीं होने से पानी जमा हो जाता है. गंदगी और बीमारियों का खतरा बना रहता है. बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे इस वार्ड तक सरकारी योजनाएं पहुंच ही नहीं रही हैं, बुनियादी सुविधाओं की कमी, जर्जर भवन और शिक्षा जैसी समस्याएं इस क्षेत्र की बदहाल स्थिति को उजागर करती हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द हवामहल के पुनर्निर्माण, जल निकासी की उचित व्यवस्था और शिक्षा के लिए नजदीकी स्कूल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है.

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By RAJKISHOR K

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