कटिहार पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा प्रथम सेमेस्टर की संचालित परीक्षा के दौरान प्रथम पाली में बिना किसी कारण के पूर्णिया विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग की ओर से अचानक शनिवार की दूसरी पाली की परीक्षा स्थगित करने की सूचना पर परीक्षार्थियों के उग्र रवैया ने विश्वविद्यालय के क्रियाकलाप पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है. यह बाते बिहार भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य, सीनेट सदस्य पूर्णिया विश्वविद्यालय के शिव शंकर सरकार ने कही है. उन्होंने जिम्मेदार व्यक्ति पर कुलपति को आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर छात्रों का गुस्सा जायज था. छात्रों को इस प्रकार की परेशानी में डालना विश्वविद्यालय के कार्यशैली कहीं ना कहीं सवालों के घेरे में है. कई स्थानों से अभद्रता की खबर दुर्भाग्यपूर्ण है. समर्थ पोर्टल के द्वारा कार्य कराए जाने और उनके कर्मी पर असमर्थता साबित होने का टेग लग रहा है. जो पूर्णिया विश्वविद्यालय के लिए चिंता का विषय है. छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की किसी को इजाजत नहीं है. इससे विश्वविद्यालय की छवि खराब होती है. इस घटना की आवश्यक जांच कर कुलपति अविलंब कार्रवाई करने की जरूरत है. ताकि भविष्य में इस प्रकार की भूल विश्वविद्यालय से ना हो.
- जिम्मेवार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की वीसी से की मांग
- जिम्मेवार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की वीसी से की मांग
