बाढ़ व बरसात में लोगों को आवाजाही करने में होती है काफी परेशानी 2021 में शुरू हुआ पुल का निर्माण कार्य अबतक तक पड़ा है अधूरा कोढ़ा जैसे-जैसे मानसून की आहट करीब आ रही है. कोढ़ा व फलका प्रखंड को जोड़ने वाला अधूरा दनारपुर पुल एक बार फिर स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है. वर्ष 2021 में शुरू हुआ यह पुल आज तक अधूरा है. निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है. बरसात के समय जब नदी या नहर का जलस्तर बढ़ जाता है, तो इस मार्ग से गुजरना लगभग असंभव हो जाता है. क्षेत्र में इस पुल के सिवा कोई दूसरा मुख्य मार्ग नहीं है. जिससे लोगों को आना-जाना संभव हो सके. स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं, बीमारों को अस्पताल ले जाने वाले परिजन, किसान और व्यापारियों को हर साल बरसात में भारी संकट झेलना पड़ता है. पिछले वर्ष स्थानीय युवकों साजिद और राहुल झा ने अपनी पहल पर सामुदायिक सहयोग से चचरी पुल का निर्माण कराया था. जिससे राहगीरों को काफी राहत मिली थी. लेकिन वह पुल अस्थायी था और इस वर्ष अब तक ऐसा कोई प्रयास नहीं हुआ है. चूंकि दनारपुर पुल का कार्य अब भी ठप है. इसलिए आने वाले दिनों में क्षेत्रवासियों को फिर से बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. प्रशासन की अनदेखी पर नाराज ग्रामीण स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के प्रति रोष व्याप्त है. उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद न तो पुल निर्माण दोबारा शुरू हुआ और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गयी. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र कोई कदम नहीं उठाया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. हर साल पानी बढ़ता है. रास्ता बंद हो जाता है. बीमारों को कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ता है. चचरी पुल जैसे अस्थायी समाधान से कब तक काम चलेगा. एक बुजुर्ग ग्रामीण ने नाराजगी जताते हुए कहा पुल निर्माण की धीमी रफ्तार और प्रशासनिक लापरवाही ने लोगों के लिए बुनियादी आवागमन भी कठिन बना दिया है. बरसात की आहट के साथ यह संकट और गहरा हो गया है. अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और विभाग कब तक इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाते हैं.
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