मनिहारी से राजेश कुमार सिंह की रिपोर्ट
Damaged Main Road: कटिहार जिले के मनिहारी प्रखंड से ग्रामीण पथों की बदहाली को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. प्रखंड के सर्वाधिक जनसंख्या वाले कांटाकोश गांव को जोड़ने वाली मुख्य जीवनरेखा (सड़क) पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रही है. आजादी के सात दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस महत्वपूर्ण ग्रामीण मार्ग का सुदृढ़ीकरण न होना प्रशासनिक उदासीनता को साफ दर्शाता है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है.
भारी ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन से और ज्यादा ध्वस्त हुई सड़क
सड़क के अत्यधिक जर्जर होने के मुख्य कारणों और वर्तमान स्थिति का विवरण निम्नलिखित बिंदुओं में देखा जा सकता है:
- बालू डंपर और ट्रकों का दबाव: स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में बालू की कटाई और उठाव के लिए बड़े मालवाहक वाहनों को परमिट दिया गया है, जो इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं.
- डीबीएल कंपनी के वाहन: इसके अलावा मनिहारी-साहिबगंज गंगा पुल के निर्माण कार्य में जुटी डीबीएल (DBL) कंपनी के भारी-भरकम ट्रक और डंपर भी दिन-रात इसी संकरी सड़क से चलते हैं, लगातार क्षमता से अधिक लोड वाले वाहनों के परिचालन के कारण पिच पूरी तरह उखड़ चुकी है और सड़क कई जगह बीच से धंसकर बैठ गई है.
बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक परेशान, मरीजों को अस्पताल पहुँचाने में देरी
जानलेवा सफर: मुख्य सड़क के टूटने से सबसे अधिक परेशानी स्कूल और कोचिंग जाने वाले छोटे बच्चों तथा बुजुर्गों को हो रही है. उबड़-खाबड़ रास्तों पर पैदल चलना दूभर हो गया है, वहीं साइकिल और मोटरसाइकिल सवार रोजाना अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं. सबसे गंभीर स्थिति आपातकालीन मरीजों और गर्भवती महिलाओं की होती है, जिन्हें समय पर अस्पताल पहुँचाने में एम्बुलेंस या वाहनों को घंटों की देरी का सामना करना पड़ता है. इसके साथ ही आगामी बरसात के दिनों में इन गड्ढों में जलजमाव होने से बड़े हादसों की आशंका और बढ़ जाएगी.
आवागमन ठप होने की चेतावनी, ग्रामीणों ने लगाई गुहार
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अपील:
कांटाकोश के स्थानीय ग्रामीण संजय पांडे समेत दर्जनों प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन, ग्रामीण कार्य विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से इस दिशा में तुरंत हस्तक्षेप करने की पुरजोर मांग की है.
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क पूरे कांटाकोश क्षेत्र की मुख्य जीवनरेखा है, यदि मॉनसून की बारिश से पहले इसकी विशेष मरम्मत या नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो पूरे इलाके का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह ठप हो जाएगा. लोगों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए भारी वाहनों के परिचालन के नियमों को दुरुस्त किया जाए और अविलंब सड़क का जीर्णोद्धार कराया जाए ताकि आम जनता को इस नारकीय सफर से मुक्ति मिल सके.
