Court Clerk Training: कटिहार से रूपेश कुमार की रिपोर्ट: जिला एवं सत्र न्यायाधीश के दिशा-निर्देश पर कटिहार व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) में नवनियुक्त अपर विभागीय लिपिकों (क्लर्कों) के लिए आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का रविवार को सफल समापन हो गया. इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य नए कर्मियों को अदालती कामकाज की व्यावहारिक प्रक्रियाओं और नियमों से पूरी तरह अवगत कराना था.
एसीजेएम कुलदीप श्रीवास्तव की निगरानी में हुआ प्रशिक्षण
इस दो दिवसीय महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (ACJM) कुलदीप श्रीवास्तव को नोडल पदाधिकारी मनोनीत किया गया था. उनकी सीधी देखरेख में नए क्लर्कों को प्रशिक्षित किया गया, ताकि वे भविष्य में बिना किसी त्रुटि के अदालती फाइलों और दस्तावेजों का प्रबंधन कर सकें.
सेवानिवृत्त अनुभवी कर्मियों ने सिखाए सिविल कोर्ट रूल्स के नियम
प्रशिक्षण के अंतिम दिन व्यवहार न्यायालय के कई अनुभवी और सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) कर्मचारियों ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दीं. सेवानिवृत्त कर्मी ऋषिकेश झा, गौरी शंकर झा और सदानंद झा ने संयुक्त रूप से नए लिपिकों को:
- सिविल कोर्ट रूल्स (Civil Court Rules): न्यायालय के मूल नियमों और विनियमों की जानकारी दी.
- न्यायिक अभिलेख संधारण: अदालती फाइलों, केस रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के तरीके सिखाए.
- लिपकीय एवं कार्यालय कार्य प्रणाली: कोर्ट के दैनिक दफ्तरी कामकाज, पेशी सूची तैयार करने और फाइलों की मूवमेंट की विधिक प्रक्रिया से रूबरू कराया.
कोर्ट के कई वरिष्ठ पेशकार और कर्मी रहे मौजूद
इस मौके पर नवनियुक्त लिपिकों का हौसला बढ़ाने और अपने अनुभव साझा करने के लिए व्यवहार न्यायालय के कई वरिष्ठ पेशकार भी मौजूद रहे. मुख्य रूप से आशीष कुमार त्रिवेदी, अजीत कुमार शुक्ला, नीरज कुमार गुप्ता और उमर फारूक सहित कई अन्य पुराने कर्मियों ने नए बैच को व्यावहारिक दिक्कतों से निपटने के टिप्स दिए.
दो दिनों तक चले इस गहन प्रशिक्षण सत्र में बड़ी संख्या में नवनियुक्त अपर विभागीय लिपिकों ने हिस्सा लिया. सभी नए कर्मियों ने इस आयोजन को बेहद लाभदायक बताया और कहा कि इससे उन्हें कोर्ट के कामकाज को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से निपटाने में काफी मदद मिलेगी.
