फलका प्रखंड के सोहथा दक्षिण पंचायत के फलका बस्ती में पूर्व मुखिया अब्दुल जब्बार के आवास परिसर में कांग्रेस के जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, राष्ट्रीय सचिव पूनम पासवान मुख्य रूप से मौजूद थी. अध्यक्षता कांग्रेसी नेता वसीम अहमद कर रहे थे. कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रेम राय ने की. हालांकि इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के द्वारा बैठक में ही नये प्रखंड अध्यक्ष वसीम अहमद के नाम की घोषणा भी किये जिसका प्रमाण पत्र मिलने का इंतजार है. प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की जनसंवाद कार्यक्रम में क्षेत्र के समस्याओं और सुझाव सुनी गयी. पार्टी के संगठन मजबूती पर चर्चाएं की गई. इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के द्वारा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से संवाद कर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने का आह्वान किया. कांग्रेस पार्टी आमलोगों की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है. कार्यकर्ताओं की भूमिका संगठन की मजबूती में महत्वपूर्ण है. कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों व जनहित के मुद्दों को पहुंचाने का आह्वान किया. उन्होंने संगठन सृजन अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस को गांव-गांव तक मजबूत करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभानी होगी. संगठन विस्तार, आगामी राजनीतिक रणनीति तथा क्षेत्रीय समस्याओं जैसे मोरसंडा के कमलाघाट नदी पर पुल निर्माण एवं बिजली की समस्या, अंचल में रिश्वतखोरी के बगैर कोई कार्य नहीं होता है पर भी चर्चा की गई. कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष स्थानीय मुद्दों को उठाया. सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया. इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय सिंह, संगठन सृजन अभियान के सीमांचल प्रभारी मिन्नत रहमानी, एसटी सेल के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर विपिन सिंह, पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीकांत मंडल, पूर्व जिला कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष सौरभ कुमार, जिला महासचिव मशरूर आलम, आईटी सेल जिला अध्यक्ष विक्रम पासवान, जिला कांग्रेस प्रभारी अमन कुमार मंडल, पूर्व प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष अम्मान अब्दुल कलाम आजाद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रखंड अध्यक्ष इमरान काजमी, तनवीर आजाद, सनाउर्रहमान, शमीम, मुन्ना आदि मौजूद थे.
फलका में कांग्रेस के जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन, संगठन सशक्तीकरण पर जोर
फलका में कांग्रेस के जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन, संगठन सशक्तीकरण पर जोर
