कदवा विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट की दावेदारों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है. कदवा विधानसभा में एक दल में टिकट के दावेदारी को लेकर मारामारी की स्थिति बनी हुई है. लगभग एक दर्जन से अधिक संभावित प्रत्याशी चार पांच दिनों से पार्टी कार्यालय पटना में आला कमान के आगे पीछे दौड़ लगा रहे हैं. चुनाव की बिगुल बजने तथा मतदान तिथि की घोषणा होने के बाद पार्टी का परिदृश्य साफ होने पर दावेदारों की पटना से घर वापसी शुरू हो गयी है. उक्त सभी विगत छह महीने से दावेदारी का ढिंढोरा पीटते हुए जनसंपर्क भी करते नजर आ रहे थे. कोई महिलाओं के बीच अपनी पहुंच बनाने में लगे थे तो कोई बड़ी रैली निकाल रहे थे, तो कई संभावित पार्टी के कार्यक्रमों में जी तोड़ मेहनत कर अपनी बड़ी उपस्थिति दर्ज करवा रहे थे. गत दिनों कदवा में हुई विधानसभा स्तरीय सम्मेलन में दावेदार अपने-अपने पार्टी का झंडा बैनर लेकर समर्थकों के हुजूम के साथ शक्ति प्रदर्शन भी किया था. सभी दावेदार पार्टी कार्यालयों में अपना बायोडाटा भी समर्पित कर दिया था. संभावित दावेदारों ने बताया कि अगर स्थानीय को टिकट नहीं दिया गया तो इसका खामियाजा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है. कई नेता इंटरनेट मीडिया पर टिकट के कन्फर्म होने का दावा ठोककर सुर्खियां बटोरने में लगे हुए है. हालांकि ऊंट किस करवट बैठेगा ये तो समय बतायेगा.
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