अपना किसान पंजीकरण जल्द से जल्द पूरा करवा लें, डीएम

अपना किसान पंजीकरण जल्द से जल्द पूरा करवा लें, डीएम

सागरथ व गेठौरा पंचायत में चल रहे किसान रजिस्ट्रेशन कार्य का डीएम ने किया निरीक्षण कदवा डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कदवा के विभिन्न पंचायतों में चल रहे किसान पंजीकरण शिविर का बुधवार को औचक निरीक्षण किया. डीएम के अचानक प्रखंड मुख्यालय पहुंचते ही प्रखंड कर्मियों में हड़कंप मच गया. सभी पदाधिकारी तत्काल अभिलेखों को व्यवस्थित करने में जुट गये. डीएम ने सबसे पहले प्रखंड मुख्यालय में किसान पंजीकरण से संबंधित सभी अभिलेखों, प्रपत्रों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की. उन्होंने पंजीकरण की प्रगति लंबित आवेदनों की स्थिति तथा किसानों को मिल रही सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली. पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसान पंजीकरण से जुड़े सभी कागजातों को शीघ्र पूर्ण कर प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाया जाय. डीएम ने कदवा प्रखंड के सागरथ पंचायत तथा गेठौरा पंचायत पहुंचकर जमीनी स्तर पर चल रहे किसान रजिस्ट्रेशन कार्यों का निरीक्षण किया.मौके पर मौजूद कर्मियों से किसानों की उपस्थिति ऑनलाइन प्रविष्टि सत्यापन प्रक्रिया तथा तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली. निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने पर बल दिया कि किसी भी पात्र किसान का रजिस्ट्रेशन लंबित न रहे. किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े. डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान मोड में कार्य करते हुए अधिक से अधिक किसानों का समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित करें. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसान पंजीकरण राज्य सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल हैं. किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. डीएम के इस औचक निरीक्षण से प्रखंड प्रशासन में सक्रियता बढ़ती दिख रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में किसान पंजीकरण कार्य में और तेजी आयेगी. जिससे क्षेत्र के किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके. डीएम ने कहा कि बिहार में किसान पंजीकरण का कार्य चल रहा है. जो एक मिशन मोड में किया जा रहा है. उसी के लिए आज हमलोग विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में जाकर देख रहे हैं कि किसान पंजीकरण कार्य किस प्रकार से हो रहा है. किसानों से अपील करते हुए कहा कि अपने-अपने किसान पंजीकरण को जल्द से जल्द पूरा करवा लें. इसके लिए हर पंचायत के स्टेटिक टीमें है. मोबाइल टीमें हैं जो घर घर जा कर भी कार्य कर रही है. सीएससी से जाकर भी करवा सकतें हैं. चूंकि वहीं प्रूफ है कि वो वास्तविक किसान हैं. जमीन संबंधी परेशानी को लेकर कहा कि जमा बंदी जिसके नाम पर है और आधार में जो नाम है वो सेम आदमी होना चाहिए तभी होगा. अगर किसी की जमा बंदी उसके नाम पर नहीं है. उसके लिए वो अपना पाटिसन मोटेशन करेंगे. सबसे बड़ा लक्ष्य किसान पंजीकरण का प्रक्रिया है. ताकि जो वास्तविक किसान है वो कर सके. अगर वैसा है तो वे लोग अपलाई करें. अभी बहुत सारे लोग बचे हुए हैं. जितने पीएम किसान लाभार्थी है. हमलोग लगभग 45 से 46 प्रतिशत किसान का किसान पंजीकरण हो पाया है. अभी लगभग बड़ी संख्या में लोग बचे हुए हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Rajkishor k

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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