– कालीबाड़ी रोड पर नाला का पानी बहने व जाम से लोगों की परेशानी बढ़ी कटिहार शहर में चल रहा ड्रेनेज सिस्टम निर्माण कार्य अपनी निर्धारित समय-सीमा से कई वर्ष पीछे चल रहा है. इसके बावजूद भी कार्य की गति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है. हालात यह है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में यह काम कछुए की चाल से आगे बढ़ रहा है. जिससे आमलोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खासकर शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में शामिल कालीबाड़ी रोड की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है. कालीबाड़ी के पास ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कार्य पिछले 15 दिनों से अधिक समय से जारी है लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हो सका है. अधूरे कार्य और सड़क पर फैली गंदगी के कारण यहां से गुजरने वाले राहगीरों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सड़क पर खुदाई के कारण आवागमन बाधित हो रहा है. जाम की समस्या भी आम हो गई है. सबसे बड़ी समस्या नाली के गंदे पानी की है जिसकी निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है. निर्माण स्थल के आसपास नाली का पानी सड़क पर फैल गया है. जिससे बदबू और गंदगी का माहौल बना हुआ है. नियमानुसार कार्य एजेंसी को ऐसे पानी को पंपिंग सेट के जरिए अन्य नालों में बहाना चाहिए. लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्य एजेंसी और साइट इंचार्ज इस समस्या को लेकर पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं. गंदे पानी व कीचड़ के बीच से गुजरने को मजबूर लोग सड़क पर नाला का गंदा पानी बह रहा है. स्थानीय लोग जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसी के प्रति नाराजगी जता रहे हैं. स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि इस तरह की स्थिति से न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं. ड्रेनेज निर्माण की धीमी गति को लेकर लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. कालीबाड़ी रोड के स्थानीय दुकानदार महेश चौधरी, सोनू कुमार, अब्दुल आलम सहित कई लोगों ने इस कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि इतने महत्वपूर्ण और व्यस्त सड़क पर कार्य के लिए कोई ठोस मास्टर प्लान नजर नहीं आता है. स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि जहां इस तरह के कार्य रात के समय किए जाने चाहिए, वहीं दिन के समय काम कर आवागमन को और अधिक बाधित किया जा रहा है. इससे आमजन को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है. लोगों का कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. लोगों का आरोप है कि कार्य में तेजी लाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. 15 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद एक छोटे से हिस्से का काम भी पूरा नहीं हो पाया है जो कार्य एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है. लोगों ने जिला प्रशासन, नगर निगम और संबंधित जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि ड्रेनेज सिस्टम निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और गंदे पानी की निकासी के लिए तुरंत प्रभावी व्यवस्था की जाय. ताकि आमलोगों को राहत मिल सके.
220 करोड़ से बन रही ड्रेनेज की सुस्त रफ्तार से शहर के लोग बेहाल
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