कटिहार लोक आस्था, संयम और सूर्योपासना का प्रतीक चैती छठ महापर्व रविवार से नहाय-खाय के साथ शुरू होगा और 25 मार्च को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने व पारण के साथ संपन्न हो जायेगा. उल्लेखनीय है कि यह पर्व वर्ष में दो बार चैत्र और कार्तिक मास में विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. इस वर्ष महापर्व शुभ ग्रह-नक्षत्रों के संयोग में मनाया जायेगा. रविवार को भरणी नक्षत्र व वैधृति योग में नहाय-खाय होगा, जिसमें व्रती शुद्ध सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत का संकल्प लेगी जबकि, इसके अगले दिन 23 मार्च को कृत्तिका नक्षत्र व सर्वार्थ सिद्धि योग में खरना होगा. छठव्रती की ओर से दिन भर निर्जला उपवास के बाद संध्या में प्रसाद ग्रहण किया जायेगा. छठव्रतियों का 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत शुरू हो जायेगा. जानकारी के मुताबिक 24 मार्च को रोहिणी नक्षत्र व प्रीति योग में अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य जायेगा तथा 25 मार्च को मृगशिरा नक्षत्र व आयुष्मान योग में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का पारण किया जायेगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार नहाय-खाय में लौकी, चना दाल और शुद्ध भोजन का सेवन तथा खरना में गुड़, ईख के रस का प्रसाद अत्यंत फलदायी माना जाता है.
चैती छठ : आज नहाय खाय के साथ शुरू होगा चार दिवसीय महापर्व
चैती छठ : आज नहाय खाय के साथ शुरू होगा चार दिवसीय महापर्व
