– बीएमपी-7 के प्रशिक्षु जवानों के द्वारा किये जाने वाले फायरिंग से रिहारयसी इलाके तक पहुंच रहीं गोलियां, लोगों में दहशत शिकायत के बाद मौके पर पहुंच कर पुलिस अधिकारियों ने की जांच कटिहार सहायक थाना क्षेत्र के महिपाल नगर की स्थिति इन दोनों जम्मू कश्मीर बॉर्डर इलाके जैसे हो गई है. जहां सीज फायर होते ही गोलियों की तड़तड़ाहत से पूरा इलाका थर्रा उठता है. कई लोगों की घरों की खिड़की व खड़ी कार गोलियों से क्षतिग्रस्त हो जाती है तो कई की दीवारें को गोली भेदते हुए चले जाती है. अंतर सिर्फ इतना है कि वहां दुश्मन देश की ओर से गोली चलती है तो यहां देश के रखवाले के प्रशिक्षण में जो गोली फायरिंग होती है. वह इस रेंज तक पहुंच जाती है. इसकी जानकारी मिलते ही एसपी शिखर चौधरी ने महिपाल नगर का निरीक्षण कर डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम गठित की है. जो जांच कर यह सुनिश्चित करेगी की किन दिशाओं से गोली वहां पहुंचती है. बताते चले की सहायक थाना क्षेत्र के महिपाल नगर में बुधवार को उसे समय हड़कंप मच गया जब अचानक गोलियों की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा. एक-दो नहीं बल्कि करीब दर्जनभर गोलियां चलने की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आये. कई परिवारों ने दहशत में दरवाजे बंद कर लिए. जबकि बच्चे और महिलाएं सहम गये. स्थानीय लोगों के मुताबिक गोलियां इतनी तेज रफ्तार से आईं कि कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए कुछ कारों के शीशों में भी दरार आ गई. वहीं कई दीवारों पर गोली लगने के निशान दिखाई दिए. घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. बीएमपी-7 के फायरिंग रेंज के बेहद करीब है यह इलाका बताया जा रहा है कि महिपाल नगर का यह इलाका बीएमपी-7 के फायरिंग रेंज के बेहद करीब है. आशंका जताई जा रही है कि पुलिस की फायरिंग प्रैक्टिस के दौरान कुछ गोलियां छिटक कर रिहायशी इलाके में पहुंच कर तबाही मचाती है. सूचना पर जांच को पहुंचे एसपी, पुलिस पदाधिकारी को दिया निर्देश घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को खबर दी. इसके बाद कटिहार एसपी शिखर चौधरी खुद मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके का निरीक्षण किया. उन्होंने टूटे शीशों और दीवारों पर पड़े निशानों को देखा और लोगों से जानकारी ली. लोगों ने दर्जनों गोली के धोखे पुलिस को दिए. एसपी ने मामले को गंभीर बताते हुए सदर डीएसपी और बीएमपी डीएसपी के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित करने का आदेश दिया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर गोलियां किस परिस्थिति में रिहायशी इलाके तक पहुंचीं. इलाके के लोगों में अब भी डर का माहौल बना हुआ है.
बीएमपी-7, प्रशिक्षण की फायरिंग से घरों व वाहनों के टूट रहे शीशा
बीएमपी-7, प्रशिक्षण की फायरिंग से घरों व वाहनों के टूट रहे शीशा
