कटिहार के कोढ़ा से अमीर सोहेल की रिपोर्ट
Bihar Politics: कटिहार जिले के कोढ़ा, फलका, समेली और बरारी प्रखंडों में वर्षों से चली आ रही लो-वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती की समस्या अब राज्य सरकार के मुख्य एजेंडे में शामिल होने जा रही है. पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद पप्पू यादव ने पटना में बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल से शिष्टाचार मुलाकात की और क्षेत्र की विद्युत समस्याओं के स्थायी निराकरण के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी देने का आग्रह किया. सांसद ने मंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान ढांचा बेहद पुराना और ओवरलोडेड हो चुका है, जिसके कारण लाखों उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे व्यापारियों को इस भीषण गर्मी में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है.
लंबी दूरी के कारण लो-वोल्टेज का संकट; कोढ़ा में जमीन उपलब्ध
सांसद पप्पू यादव ने ऊर्जा मंत्री के समक्ष तकनीकी कड़ियों को रखते हुए बताया कि वर्तमान में कोढ़ा और आस-पास के प्रखंडों को जिला मुख्यालय कटिहार से बिजली की आपूर्ति की जाती है. इतनी लंबी ट्रांसमिशन लाइन होने के कारण अंतिम छोर तक पहुंचते-पहुंचते वोल्टेज पूरी तरह ड्रॉप हो जाता है.
इस संकट के स्थायी समाधान के लिए निम्नलिखित प्रस्ताव मंत्री के सामने रखे गए:
- कोढ़ा में ग्रिड निर्माण: सांसद ने बताया कि कोढ़ा में ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) के निर्माण के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि पहले से ही उपलब्ध है. ग्रिड बनने से कटिहार पर निर्भरता खत्म होगी.
- रौतारा में नया पीएसएस: कोढ़ा प्रखंड के रौतारा में एक नए पावर सब-स्टेशन (PSS) की स्थापना की मांग की गई है, जिससे दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति सुदृढ़ होगी.
- भवानीपुर और बेलगाछी परियोजनाएं: जीरो माइल/बेलगाछी में ग्रिड सब-स्टेशन की स्थापना और पूर्व से प्रस्तावित भवानीपुर ग्रिड परियोजना को फाइलों से निकालकर जल्द धरातल पर उतारने का आग्रह किया गया.
200 किमी लंबा हरदा फीडर बना जी का जंजाल; थ्री-फेज लाइन की मांग
जर्जर बुनियादी ढांचा: एक ही फीडर पर अत्यधिक लोड होने के कारण आए दिन जंपर उड़ने, इंसुलेटर फटने और तार टूटने की घटनाएं आम हो चुकी हैं.
सांसद ने अपने ज्ञापन में ‘हरदा फीडर’ का मुद्दा बेहद प्रमुखता से उठाया. उन्होंने बताया कि वर्तमान में हरदा फीडर से लगभग 200 किलोमीटर के दायरे में सात बड़ी पंचायतों को बिजली दी जा रही है, जो पूरी तरह अव्यावहारिक है. उन्होंने इस फीडर को पुनर्गठित कर सीमित क्षेत्र तक सीमित करने की मांग की.
इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी काम कर रहे जर्जर सिंगल-फेज एलटी (LT) लाइनों को हटाकर आधुनिक थ्री-फेज प्रणाली में बदलने और जिन गांवों में आज भी मात्र 7 से 8 घंटे बिजली मिल रही है, वहां कम से कम 18 से 20 घंटे निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की वकालत की.
ऊर्जा मंत्री ने दिया त्वरित समीक्षा का भरोसा; सांसद बोले- ‘संघर्ष रहेगा जारी’
पूर्णिया सांसद की इन दलीलों और जनहित के मुद्दों को बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने बेहद गंभीरता से सुना. मंत्री ने आश्वासन दिया कि बिजली विभाग के वरीय अभियंताओं और ट्रांसमिशन विंग के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर कोढ़ा में ग्रिड निर्माण और रौतारा पीएसएस के तकनीकी प्रस्ताव की अविलंब समीक्षा की जाएगी और बजट की उपलब्धता के आधार पर इसे प्राथमिकता सूची में डाला जाएगा.
मुलाकात के बाद सांसद पप्पू यादव ने कहा कि बिजली अब सिर्फ एक बुनियादी सुविधा नहीं, बल्कि सीमांचल के कृषि और औद्योगिक विकास की आधारशिला है. जब तक क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति को स्थिर वोल्टेज और 24 घंटे बिजली नहीं मिल जाती, वे सदन से लेकर सड़क तक जनता के हक की आवाज उठाते रहेंगे.
