– अबकी बार ऐसा विधायक चाहिए जो बेरोजगारी व महंगाई दूर करें फलका बिहार विधानसभा चुनाव की डुगडुगी बजते ही गांव-गांव, चौक-चौराहों व चाय की दुकानों पर सियासी माहौल गरमाने लगा है. लोग अब खुले तौर पर नेताओं के कामकाज पर चर्चा करने लगे हैं. हर दिन चाय की चुस्की के साथ चुनावी बहस का नया दौर शुरू हो जाता है. कोई विकास की बात करता है तो कोई बेरोजगारी और महंगाई को मुख्य मुद्दा बता रहे हैं. फलका बाजार स्थित एक चाय की दुकान पर बैठे युवा सोनू खान जकी, सहवाज आलम आदि ने कहा कि इस बार वोट सिर्फ उसी को देंगे जो बेरोजगारी और महंगाई जैसी जमीनी समस्याओं को हल करने का भरोसा दिलायेगा और पलायन की समस्या से निजात दिलाये. दूसरे युवा जावेद आलम, नूरेन, विकास कुमार, जाहिद आलम ने कहा कि सड़क और बिजली तो अब हर जगह है. रोजगार नहीं है. पढ़े-लिखे युवा खाली बैठे हैं. अब हमलोग ऐसे नेता नहीं चाहते जो सिर्फ वादे करें. बुजुर्ग मतदाता फारूक आलम ने कहा कि जनता अब समझदार हो गई है. जो नेता सिर्फ चुनाव के समय दिखाई देते हैं. उन्हें जनता पहचान चुकी है. हमलोग ऐसे प्रतिनिधि चाहते हैं जो पांच साल जनता के बीच रहें. सिर्फ भाषण देने नहीं, काम करने आयें. दूसरी ओर महिला किरण पटेल ने भी कहा कि घर का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है. महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. एक महिला ने कहा, गैस सिलेंडर और राशन की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि जीना मुश्किल हो गया है. अगर कोई नेता इस पर ध्यान देगा तो हम जरूर उसे वोट देंगे. गांव-गांव में यही चर्चा है कि अबकी बार चुनाव जाति या धर्म के नाम पर नहीं, बल्कि काम के नाम पर होगा. चाय की दुकानों से लेकर खेत-खलिहानों तक, हर जगह एक ही आवाज गूंज रही है. अबकी बार ऐसा विधायक चाहिए जो बेरोजगारी और महंगाई दूर करें.
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