कोढ़ा बरसात का मौसम जहां एक ओर राहत व ताजगी लेकर आता है. दूसरी ओर यह विभिन्न बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है. इस मौसम में सर्दी-जुकाम, फंगल इंफेक्शन, पाचन संबंधी विकार व जलजनित रोगों का प्रकोप अधिक देखने को मिलता है. ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है. कोढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एमओआईसी डॉ अमित आर्य ने लोगों से अपील की है कि बरसात के इस संवेदनशील मौसम में विशेष सतर्कता बरते. स्वच्छता बनाये रखें, हाथों की सफाई पर विशेष ध्यान दें. खाना खाने से पहले और बाहर से आने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं. जलजमाव वाले क्षेत्रों में चलने से बचें क्योंकि इससे फंगल इंफेक्शन और त्वचा रोगों का खतरा रहता है. घर के आसपास पानी जमा न होने दें. मच्छरदानी, रेपेलेंट क्रीम या लिक्विड का प्रयोग करें. खिड़की-दरवाजों पर जाली लगवाएं. बाजार में मिलने वाले कटे फल या खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करें. घर में बना ताजा व हल्का भोजन ही करें. हरी पत्तेदार सब्जियों को अच्छे से धोकर पकाएं. तुलसी, अदरक, हल्दी जैसी प्राकृतिक चीजें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती हैं. विटामिन-सी युक्त फल जैसे आंवला, नींबू, संतरा का सेवन करें. टाइफाइड, हैजा, डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों से बचने के लिए उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पीएं. हल्के, सूखे और सिंथेटिक कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है. प्रतिदिन पर्याप्त नींद लें और मानसिक तनाव से दूर रहें. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बनी रहे. बरसात का मौसम जितना खूबसूरत होता है. उतना ही यह बीमारियों के खतरे भी साथ लाता है. थोड़ी सी जागरूकता और सतर्कता से आप और आपका परिवार स्वस्थ रह सकता है. किसी भी बीमारी की स्थिति में देर न करें. तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर चिकित्सकीय परामर्श ले.
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