कटिहार, बारसोई. बारसोई प्रखंड क्षेत्र के माहीनगर प्राथमिक विद्यालय में लगातार नौ दिनों तक मिड-डे मील बंद रहने के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. विभागीय जांच में अनियमितता सही पाए जाने के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने विद्यालय की प्रधान शिक्षिका वंदना सिन्हा को निलंबित कर दिया है. बताया जाता है कि विद्यालय में लगातार नौ दिनों तक बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन नहीं बनाए जाने का मामला सामने आया था. इससे बच्चों को भोजन के बिना ही विद्यालय से लौटना पड़ रहा था.
प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया विभाग
माहीनगर प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील बंद रहने का मामला प्रभात खबर में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया. दो अगस्त को "नौ दिनों से बंद है मिड-डे मील, भूखे पेट लौट रहे नौनिहाल" शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था.
समाचार प्रकाशित होने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने स्तर से जांच कराई. जांच के दौरान मध्याह्न भोजन संचालन में अनियमितता की बात सामने आई.
मिड-डे मील नहीं बना, फिर भी पोर्टल पर दर्ज की गई प्रविष्टि
विभागीय जांच में यह भी पाया गया कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन का संचालन नहीं होने के बावजूद ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर मिड-डे मील संचालन से संबंधित प्रविष्टि दर्ज की गई थी.
विभाग के अनुसार यह प्रविष्टि नियमों के विरुद्ध पाई गई. जांच के बाद मामले में प्रधान शिक्षिका की भूमिका को लेकर विभागीय कार्रवाई की गई.
राशि के गबन की नीयत से अनियमितता का आरोप
विभागीय जांच के उपरांत प्रधान शिक्षिका वंदना सिन्हा पर जानबूझकर अनियमितता बरतने तथा राशि के गबन की नीयत से कार्य करने का आरोप सामने आया. इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने उन्हें निलंबित कर दिया.
कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है. मिड-डे मील जैसी महत्वपूर्ण योजना के संचालन में लापरवाही को लेकर विभाग की कार्रवाई को गंभीर माना जा रहा है.
निलंबन अवधि में डंडखोरा बीईओ कार्यालय होगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान प्रधान शिक्षिका वंदना सिन्हा का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, डंडखोरा निर्धारित किया गया है. निर्धारित कार्यालय में योगदान करने के बाद उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा.
कार्रवाई से मिड-डे मील व्यवस्था में लापरवाही बरतने वालों में हड़कंप
मध्याह्न भोजन योजना बच्चों के पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण सरकारी योजना है. ऐसे में लगातार नौ दिनों तक भोजन बंद रहने और जांच में अनियमितता मिलने के बाद की गई निलंबन कार्रवाई से विद्यालयों में मिड-डे मील संचालन से जुड़े शिक्षकों एवं कर्मियों में हड़कंप है. विभागीय कार्रवाई के बाद अब मिड-डे मील व्यवस्था के संचालन और ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज की जाने वाली प्रविष्टियों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
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