लगुवा दासग्राम पंचायत में EWS जांच का सच क्या है? पीड़ित दंपत्ति ने प्रशासन को आवेदन सौंपकर खोल दी व्यवस्था की पोल

लगुवा दासग्राम पंचायत में EWS प्रमाण पत्रों की जांच प्रक्रिया पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं. लाभुकों ने तथ्यों की अनदेखी और आवेदन निष्पादन के दौरान अवैध राशि मांगने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है.

कटिहार, बारसोई. बारसोई प्रखंड क्षेत्र के लगुवा दासग्राम पंचायत में निर्गत ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों की जांच प्रक्रिया को लेकर शिकायतकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं. पंचायत निवासी मशनुरा बेगम, उनके पति आबेद अली व अन्य लोगों ने संबंधित पदाधिकारी को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष एवं पुनः जांच कराने की मांग की है.

जांच में सही तथ्यों की अनदेखी का लगाया आरोप

शिकायतकर्ताओं ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र निर्गत करने से पूर्व की गई जांच में वास्तविक तथ्यों की अनदेखी की गई. आवेदन में पूर्व में तैयार जांच रिपोर्ट को गलत एवं त्रुटिपूर्ण बताते हुए पूरे मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है.

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में निर्गत संबंधित ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों की जांच निर्धारित नियमों और वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर पुनः की जानी चाहिए.

कई लाभुकों की जांच रिपोर्ट पर भी उठाए सवाल

आवेदन में कई लाभुकों के ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र से संबंधित जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाए गए हैं. शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से कर वास्तविक तथ्यों का सत्यापन किया जाए.

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए.

आवेदन के निष्पादन के दौरान अवैध राशि मांगने का भी आरोप

शिकायतकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाया है कि उनके आवेदन के निष्पादन के दौरान उनसे कथित रूप से अवैध राशि की मांग की गई थी. उनका आरोप है कि राशि देने में असमर्थ रहने के कारण उनका आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया. हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी.

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

शिकायतकर्ता मशनुरा बेगम, उनके पति आबेद अली एवं अन्य लोगों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि पंचायत क्षेत्र में निर्गत ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों और उनसे संबंधित जांच रिपोर्ट की वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर समीक्षा की जानी चाहिए. मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच पूरी होने के बाद ही शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी.

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लेखक के बारे में

By अरविंद गुप्ता

अरविंद गुप्ता को पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव. पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2012 से लगातार कार्य कार्यरत हैं. वर्तमान में कटिहार जिले के बारसोई से समाचार संकलन का कार्य कर रहे हैं.

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