कटिहार जिले के नगर पंचायत बरारी अंतर्गत सिवाना रोड स्थित एक कथित अवैध निजी नर्सिंग होम में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. प्रसव (डेलीवरी) के बाद जच्चा और नवजात दोनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. घटना से उग्र हुए परिजनों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर जमकर हंगामा किया और फर्जी डॉक्टर व संचालक की गिरफ्तारी की मांग की.
रौनियां की कांचल ने दिया था बेटे को जन्म
मृतका की पहचान बरारी थाना क्षेत्र के रौनियां पंचायत अंतर्गत बक्कीकोल गांव निवासी बॉबी देवी की बेटी कांचल कुमारी के रूप में हुई है:
- भर्ती व ऑपरेशन: परिजनों के अनुसार, कांचल को प्रसव पीड़ा होने पर सिवाना रोड स्थित 'रौनक निजी नर्सिंग होम' में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने ऑपरेशन (सिजेरियन) कर प्रसव कराया, जिससे कांचल ने एक बेटे को जन्म दिया.
- हालत बिगड़ी: प्रसव के कुछ ही देर बाद मां और बच्चे दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद कांचल का पेट असामान्य रूप से फूल गया था.
मां का गंभीर आरोप: 25 से 30 इंजेक्शन दिए गए
मृतका की मां बॉबी देवी ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाया है:
- तड़पती रही प्रसूता: मां ने बताया कि कांचल दर्द से तड़पती रही और एक ही रात के भीतर उसे 25 से 30 इंजेक्शन ठोंक दिए गए, जिससे उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई.
- रेफर के दौरान मौत: नवजात की हालत गंभीर होने पर उसे पूर्णिया रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं कांचल की स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल संचालक ने उसे पूर्णिया के गांधी नर्सिंग होम भेजा, जहां उसने भी दम तोड़ दिया.
अधिकारियों के पहुंचने पर शांत हुआ हंगामा, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
मां-बेटे की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और अवैध नर्सिंग होम के बाहर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे:
- पुलिस व प्रशासन की मुस्तैदी: सूचना मिलते ही बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीपीओ सदर-2 सुनील कुमार शर्मा, कोढ़ा अंचल निरीक्षक साजिद आलम और सीओ मनीष कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे.
- आश्वासन: अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल कटिहार भेजा गया.
सिविल सर्जन बोले- गठित होगी जांच टीम, होगी कड़ी कार्रवाई
मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कटिहार के सिविल सर्जन ने कहा:
"किसी भी स्थिति में किसी की जान से खेलने की अनुमति नहीं दी जा सकती. मामले की गहन जांच के लिए जिला स्तर पर एक जांच टीम का गठन किया जा रहा है. अवैध रूप से संचालित इस नर्सिंग होम और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी."
स्वास्थ्य व्यवस्था और निगरानी पर उठे बड़े सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर कटिहार में धड़ल्ले से चल रहे अवैध निजी अस्पतालों और फर्जी डॉक्टरों के नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर बिना मान्यता के बरारी में ये अस्पताल किसकी शह पर चल रहे हैं? फिलहाल पुलिस परिजनों से प्राप्त आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.
