त्याग, समर्पण व परोपकार की भावना का प्रतीक है बकरीद. मौलाना

त्याग, समर्पण व परोपकार की भावना का प्रतीक है बकरीद. मौलाना

कोढ़ा कोढ़ा नगर पंचायत स्थित गेड़ाबाड़ी मस्जिद के मौलाना सद्दाम ने बकरीद के धार्मिक और सामाजिक महत्व को विस्तार से समझाया. उन्होंने कहा कि बकरीद न केवल एक धार्मिक त्यौहार है. बल्कि यह आत्म-त्याग, समर्पण और परोपकार की भावना का प्रतीक भी है. मौलाना सद्दाम ने कहा कि यह पर्व हज़रत इब्राहिम की उस ऐतिहासिक कुर्बानी की याद में मनाया जाता है. जब अल्लाह के आदेश पर वे अपने बेटे हज़रत इस्माइल (अलैहि सलाम) को कुर्बान करने के लिए तैयार हो गए थे. अल्लाह ने उनकी नीयत को स्वीकार किया और उनके बेटे की जगह एक जानवर को कुर्बान करने का हुक्म दिया. बकरीद को लेकर कोढ़ा के बाजारों में खासा उत्साह देखा गया. क्षेत्रों में लोगों ने जानवरों की खरीददारी की. मस्जिदों में साफ-सफाई और सजावट पूरी कर ली गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAJKISHOR K

RAJKISHOR K is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >