कुरसेला शिक्षा के लिए कभी अग्रणी रहा अयोध्या प्रसाद उच्च विद्यालय का पुराना भवन अस्तित्व खोने के कगार पर है. लाखों की लागत से बना विद्यालय का कमरा जर्जर होकर खंडहर में तब्दील होने के कगार पर है. कुरसेला रियासत के रघुवंश नारायण सिंह ने अपने पिता अयोध्या प्रसाद सिंह के नाम पर जमीन देकर उच्च विद्यालय का 1926 में निर्माण कराया था. विद्यालय भवन का लगभग एक सौ वर्ष पूरा होने वाला है. स्कूल का नया प्लस टू भवन के निर्माण होने के बाद शैक्षणिक कार्य के लिए विद्यालय के पुराने भवन की उपयोगिता खत्म हो गयी है. भवन के पुराने कमरे के छत, दिवार ढहकर गिर रहे है. तकरीबन तीस से चालीस वर्ष के बीच निर्माण हुआ विद्यालय भवन का कमरा ठीक ठाक है. उचित देख रेख के अभाव में भवन के इन कमरों की स्थिति खराब हो रही है. विभाग के अधिकारी इस पुराने उच्च विद्यालय के भवन के उपयोगिता को लेकर बेखबर बने हुए है. विभाग की लापरवाह बने रहने से आने वाले वर्षों में इसका अस्तित्व खंडहर में तब्दील हो सकता है. वैसे विद्यालय भवन में पठन पाठन ठप होने से यहां असुरक्षा का खतरा है. विद्यालय का पुराना छात्रावास जर्जर होकर टुट कर पूर्व में अस्तित्व खो चुका है. उच्च शिक्षा का गौरव रहा है विद्यालय कुरसेला स्टेट के रायबहादुर रघुवंश नारायण सिंह ने पिछड़े क्षेत्र के शैक्षणिक विकास के लिए अपने पिता अयोध्या प्रसाद सिंह के नाम से जमीन देकर विद्यालय बनवाया था. उस वक्त से लेकर सरकार के अधीनस्थ होने तक विद्यालय संचालन का खर्च का वाहन कुरसेला स्टेट से किया जाता रहा था. लाखों की आबादी के छात्र विद्यालय में नामांकित होकर उच्च शिक्षा ग्रहण करते थे. स्कूल परिसर के अंदर विद्यालय छात्रावास का कई कमरों भवन बना हुआ था. छात्रावास में छात्रों के साथ शिक्षक रहा करते थे. विद्यालय में शैक्षणिक कार्य के साथ छात्रावास में रहने वाले छात्रों को शिक्षक पढ़ाया करते थे. पिछड़े क्षेत्रों में विद्यालय के शिक्षा की प्रसिद्ध दुर दुर तक फैली थी. विद्यालय के शिक्षा व्यवस्था की बागडोर कर्मठ योग्य विद्वजन उग्र मोहन झा के हाथ में प्रधानाध्यापक के रुप में थी. पठन पाठन व्यवस्था में कड़क होने के साथ वे गरीब लाचार बेबस छात्रों के सहायता में सदेव तत्पर होकर कार्य करते थे. विद्यालय से जुड़े अन्य शिक्षक विद्यालय में गुणवत्ता पूर्ण बेहतर पठन पाठन देकर यहां के शैक्षणिक व्यवस्था को अग्रणी पंक्ति में लाकर खड़ा कर रखा था. उस समय के विद्यालय के स्वर्णिम अतीत की चर्चा कर लोग गौरवान्वित हो उठते हैं. उच्च विद्यालय को पर्याप्त है जमीन जानकारी अनुसार अयोध्या प्रसाद उच्च विद्यालय के नाम पर्याप्त जमीन है. नया प्लस टू विद्यालय स्कूल के जमीन पर बना है. इसके अलावा बड़ा खेल मैदान विद्यालय परिसर में है. स्कूल परिसर में सरकारी स्तर पर विभागों के भवन बनाये गये है. जानकारी में बताया जाता है कि विद्यालय परिसर के अलावा स्कूल के नाम कुछ दूरी पर खेती की जमीन है. जिससे मामूली लीज पर देकर रखा गया है. शिक्षा विस्तार की संभावना पुराने विद्यालय भवन को तोड़ कर अयोध्या प्रसाद प्लस टू उच्च विद्यालय को शैक्षणिक कार्य के लिए विस्तार किया जा सकता है. शिक्षा विस्तार में तकनीकि और रोजगार परक शिक्षा की व्यवस्था की जा सकती है. सरकार के महत्वाकांक्षी शैक्षणिक योजनाओं को जर्जर हो रहे इस विद्यालय भवन को उपयोग में लाकर धरातल पर उतारा जा सकता है. जनप्रतिनिधियो को इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की जरुरत है.
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