करोड़ों की संपत्ति पर ताला, नेटवर्क ठप, बारसोई में दम तोड़ रही बीएसएनएल सेवा

करोड़ों की संपत्ति पर ताला, नेटवर्क ठप, बारसोई में दम तोड़ रही बीएसएनएल सेवा

बारसोई एक समय बारसोई की पहचान मजबूत संचार व्यवस्था के लिए होती थी. लेकिन आज वही बीएसएनएल कार्यालय उपेक्षा और बदहाली का प्रतीक बन गया है. करोड़ों से स्थापित बीएसएनएल कार्यालय एवं टावर पर पिछले दो वर्षों से ताला लटका हुआ है. नियमित देखरेख के अभाव में टावर से नेटवर्क सेवा लगभग ठप हो चुकी है और करीब दो हजार उपभोक्ता प्रतिदिन परेशानी झेलने को मजबूर हैं. बारसोई मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष पमीरुद्दीन ने बताया कि वर्ष 1999 में क्षेत्रवासियों के लंबे संघर्ष और प्रयास के बाद बारसोई बाजार में बीएसएनएल कार्यालय एवं टावर की स्थापना हुई थी. उस समय यहां कनीय अभियंता, लाइनमैन, नाइट गार्ड, एसडीओ सहित कई कर्मियों की तैनाती रहती थी और नेटवर्क सेवा भी काफी बेहतर थी. दूर-दराज के लोग भी बीएसएनएल पर भरोसा करते थे, लेकिन अब स्थिति यह हो गई है कि कार्यालय में हमेशा ताला लटका रहता है. लोगों का कहना है कि मजबूरी में उपभोक्ता निजी कंपनियों की ओर पलायन कर रहे हैं. इससे जहां उपभोक्ताओं को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है. बीएसएनएल को भी लाखों रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान हो रहा है. बारसोई कोई छोटा बाजार नहीं है. यहां व्यापारिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं. हजारों मोबाइल उपभोक्ता हैं और यदि बीएसएनएल का नेटवर्क दुरुस्त कर नियमित सेवा बहाल की जाए तो उपभोक्ताओं की संख्या में भारी वृद्धि हो सकती है. विभागीय उदासीनता के कारण करोड़ों की सरकारी संपत्ति बेकार पड़ी है. क्षेत्रवासियों ने बीएसएनएल के उच्च अधिकारियों से अविलंब बारसोई कार्यालय को नियमित रूप से संचालित करने, कर्मियों की तैनाती करने तथा नेटवर्क व्यवस्था सुधारने की मांग की है.

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Author: RAJKISHOR K

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