कटिहार बिहार चिकित्सा व जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले स्वास्थ्य कर्मचारियों ने प्रदेश संघ के निर्णयनुसार शनिवार को अपनी 22 सूत्री मांगों को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष रीना कुमारी, जिला मंत्री सह राज्य सहायक महामंत्री सुभाष चंद्र महतो ने किया. कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर एक विस्तृत मांग-पत्र सिविल सर्जन को सौंपा. जिला मंत्री सुभाष चंद्र महतो ने कहा कि हमारी मांगे हैं कि श्रम कोड को बिहार में लागू नहीं किया जाय. एनपीएस, यूपीएस समाप्त कर सभी कर्मचारियों को एक सितंबर 2005 से पूर्ण पेंशन का लाभ दिया जाय. परिचारिका श्रेणी ए एएनएम सहित अन्य राज्य संवर्ग का एमएसीपी निदेशालय के बजाय सिविल सर्जन अधीक्षक प्राचार्य निदेशक को एमएसीपी करने के लिए आदेशित किया जाय. सामान्य प्रशासन विभाग बिहार पटना के आदेश संख्या 19300, 13 अक्तूबर 2023 किया. लोक में सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को पद पदोन्नति का लाभ दिया जाय. स्वास्थ्य समिति के कर्मचारियों का संवर्ग नियमावली का अभिलंब गठन करते हुए उनकी सेवा समायोजित किया जाय. स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत संविदागत कर्मियों की सेवा नियमित करने के लिए प्रतियोगिता परीक्षा के बजाय सक्षमता परीक्षा लिया जाय तथा अनुभव के अंक जोड़ने के लिए अहर्तक प्राप्त करने संबंधी आदेश को रद्द किया जाय. कुछ नहीं आया ले बिहार पटना के फैसले के आलोक में एसीपी एमएसीपी के लिए लिपि को विभाग परीक्षा के बाध्यता पर रोक संबंधी विभाग आदेश निर्गत किया जाय. एएनएम जीएनएम का सेवा संपुष्टि के लिए पत्र अभिलंब निर्गत किया जाय या सभी प्राचार्य अधीक्षक निदेशक सिविल सर्जन को सेवा संतुष्ट करने के लिए पत्र निर्गत कर आदेशित किया जाय. आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों का न्यूनतम वैधानिक मजदूरी 26000 रूपया भुगतान किया जाय. ईएसआई, ईपीएफ का लाभ दिया जाय आदि मांगे शामिल है. जिला सहायक मंत्री मंतोष कुमार, उपाध्यक्ष निशात परवीन, प्रसून कुमार, मनोज कुमार चौधरी, मनोज कुमार पासवान रामेश्वर उरांव, शैलेंद्र पांडे, संयुक्त मंत्री राजेश सिंहा, बंकेश मीना, महिपाल, अंजली कुमारी, पिंकी कुमारी सोनी आदि उपस्थित थे.
22 सूत्री मांगों को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष किया प्रदर्शन
22 सूत्री मांगों को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष किया प्रदर्शन
