मनमाने तरीके से शुल्क वृद्धि करने पर लगेगा एक लाख का जुर्माना

मनमाने तरीके से शुल्क वृद्धि करने पर लगेगा एक लाख का जुर्माना

– निजी विद्यालयों की मनमानी रोकने के लिए डीएम ने जारी किया आदेश कटिहार चालू शैक्षणिक सत्र के लिए नामांकन शुरू होते ही निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. डीएम आशुतोष द्विवेदी ने सभी निजी प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिए कठोर दिशा-निर्देश जारी किये है. डीएम की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिलान्तर्गत संचालित सभी निजी प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन की प्रक्रिया जारी है. विभिन्न माध्यमों एवं अभिभावकों से यह गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि कतिपय विद्यालयों द्वारा नियमों के विरुद्ध पुनः नामांकन शुल्क (री-एडमिशन फी), वार्षिक शुल्क एवं अन्य अनुचित शुल्कों की वसूली की जा रही है. साथ ही अनुचित आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही ऊंचे दामों पर पाठ्य पुस्तकें एवं यूनिफॉर्म क्रय करने के लिए विवश किया जा रहा है, जो अभिभावकों के आर्थिक दोहन की श्रेणी में आता है. विधिसम्मत प्रावधानों के आलोक में जिला प्रशासन की ओर से कठोर आदेश निर्गत किये गये है. डीएम की ओर से जारी आदेश के अनुसार बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2019 एवं नियमावली 2020 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में सभी निजी विद्यालयों को उल्लिखित निर्देशों का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य है. मसलन नियम 4.6 (विवरणी का प्रदर्शन ) विद्यालय में कक्षावार पुस्तकों की सूची, ड्रेस की विशिष्टियां एवं अन्य अपेक्षित सामग्री की सूची विद्यालय द्वारा वेबसाइट एवं सूचना पट्ट पर जारी किया जायेगा. अभिभावक सुविधानुसार कहीं से भी उसे क्रय कर सकते है. विद्यालय या विद्यालय द्वारा निर्धारित दुकान, स्थान एवं संस्था से ड्रेस, पुस्तकों एवं अन्य सामग्री का क्रय करना अनिवार्य नहीं होगा. सभी निजी विद्यालय 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रुप से अपने विद्यालय की वेबसाइट, सूचना पट्ट तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पुस्तकों की सूची, ड्रेस का विवरण एवं उसकी विशिष्टिता तथा पूर्ण शुल्क विवरणी प्रदर्शित करना सुनिश्चित करेंगे. शुल्क को लेकर दिये गये निर्देश डीएम की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2019 का हवाला देते हुए डीएम ने अपने आदेश में कहा है कि ””शुल्क वृद्धि एवं सामग्री क्रय”” अधिनियम की धारा 4.1”” के तहत कोई भी निजी विद्यालय शुल्क में 07 प्रतिशत”” से अधिक वृद्धि नहीं कर सकता है. साथ ही धारा 7.1 प्रथम उल्लंघन की स्थिति में संबंधित विद्यालय पर न्यूनतम एक लाख रुपये तक का अर्थदण्ड अधिरोपित किया जायेगा. जबकि धारा 7.2 के तहत उल्लंघन की पुनरावृत्ति होने पर अर्थदण्ड की राशि दो लाख रुपये होगी. धारा 7.3 के तहत निरंतर उल्लंघन की स्थिति में विद्यालय की प्रस्वीकृति प्रत्याहरण की कार्रवाई शुरु कर दी जायेगी. आदेश में कहा गया है कि बिहार राज्य बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली 2011 एवं शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत नियम 11 (2) (ख) के तहत विद्यालय का संचालन किसी व्यक्ति, किसी व्यक्ति समूह या किन्हीं व्यक्तियों के संघ या किन्ही अन्य व्यक्तियों द्वारा लाभ के लिए नहीं किया जायेगा. इसलिए निजी विद्यालयों द्वारा अनुचित आर्थिक लाभ के लिए किये गये कार्य प्रस्वीकृति के शत्तों का उल्लंघन होगा. तीन वर्ष तक यूनिफॉर्म के स्वरूप में बदलाव नहीं यूनिफॉर्म में स्थिरता को लेकर डीएम के आदेश में कहा गया है कि यूनिफॉर्म के स्वरुप में कम से कम तीन वर्षों तक कोई बदलाव नहीं किया जायेगा. डीएम की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि 25 प्रतिशत आरक्षित नामांकन को लेकर आरटीई 2009 की धारा 12 (1) (सी) के तहत कमजोर वर्ग एवं अलाभकारी समूह के बच्चों के लिये आरक्षित सीटों पर नामांकन सुनिश्चित करना अनिवार्य है. इन्टेक कैपसिटी के तहत सभी विद्यालय अपनी कुल क्षमता और आरक्षित सीटों का विवरण अविलम्ब विभागीय पोर्टल पर अपडेट करेंगे. डीएम ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि कैपिटेशन फीस एवं प्रोन्नति शुल्क पर प्रतिबंध आरटीई 2009 की धारा 13 के अंतर्गत नामांकन के लिए प्रति व्यक्ति कैपिटेशन फीस लेना दण्डनीय है. इसलिए अगली कक्षा में प्रोन्नति के समय पुनः नामांकन के नाम पर किसी भी प्रकार का अनुचित शुल्क लिया जाना प्रतिबंधित है. अनुश्रवण एवं अनुपालन का निर्देश डीएम की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कड़ाई से इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे तथा दैनिक प्रतिवेदन जिला शिक्षा पदाधिकारी को समर्पित करेंगे. जिला शिक्षा पदाधिकारी निरन्तर अनुश्रवण करेंगे तथा की गयी प्रभावी कार्रवाई से उन्हें को अवगत कराएंगे. आदेश की अवहेलना करने वाले विद्यालय प्रबंधन पर सुसंगत धाराओं के तहत कठोरतम कार्रवाई की जायेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: RAJKISHOR K

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >