फरार, भ्रष्ट व बकायेदार नहीं लड़ पायेंगे नप चुनाव

खगड़िया: नगरपालिका आम चुनाव 2017 का प्रत्याशी कौन होगा. कौन लड़ेंगे तथा कौन चुनाव नहीं लड़ेंगे. इसको लेकर स्पष्ट आदेश जारी किये गये हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दुर्गेश नंदन ने डीएम सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी को इस संबंध में पत्र लिखा है तथा नामांकन के दौरान उक्त निर्देश का शत प्रतिशत अनुपालन कराने […]

खगड़िया: नगरपालिका आम चुनाव 2017 का प्रत्याशी कौन होगा. कौन लड़ेंगे तथा कौन चुनाव नहीं लड़ेंगे. इसको लेकर स्पष्ट आदेश जारी किये गये हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दुर्गेश नंदन ने डीएम सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी को इस संबंध में पत्र लिखा है तथा नामांकन के दौरान उक्त निर्देश का शत प्रतिशत अनुपालन कराने को कहा है. निर्वाचन आयोग ने सक्षम न्यायालय द्वारा घोषित सजावार, किसी आपराधिक कांड में छह माह से अधिक समय से फरार अभियुक्त, भ्रष्ट एवं नगरपालिका के बकायेदार के चुनाव लड़ने पर रोक लगायी गयी है. जानकारी के अनुसार छह माह से अधिक समय के लिए सजावार व्यक्ति के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है. इसमें नगर पालिका क्षेत्र के वैसे व्यक्ति जिन्होंने 31 मार्च 2017 तक सभी बकाये कर का भुगतान नहीं किया है.

उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगायी गयी है. गड़बड़ियां के आरोप में केंद्र, राज्य अथवा स्थानीय प्राधिकार की सेवा से पदच्युत कर्मी भी नगरपालिका का चुनाव नहीं लड़ पायेंगे. इसके अलावा नप के ऐसे पूर्व सदस्य के चुनाव लड़ने पर भी पावंदी लगायी गयी है जो बिना अनुमति के नगरपालिका की लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहने के दोषी पाया गया हो.
ये भी नहीं लड़ेंगे चुनाव
सरकारी सेवा या अनुबंध के आधार पर काम करने वाले लोक सेवक भी चुनाव नहीं लड़ पायेंगे. राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा जारी आदेश के मुताबिक केंद्र या राज्य एवं किसी स्थानीय प्राधिकार में कार्यरत कर्मी किसी ऐसे संस्थान में कार्यरत कर्मी जिसे केंद्र या राज्य सरकार या फिर किसी स्थानीय प्राधिकार से सहायता मिलती हो, इनके चुनाव लड़ने पर रोक लगायी गयी है.
आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका, सहायिका, नगर पालिका अथवा पंचायत स्तर पर मानदेय व अनुबंध के आधार पर कार्यरत शिक्षा मित्र, न्याय मित्र, विकास मित्र अथवा अन्य कर्मी, दलपति, होमगार्ड, सरकारी वकील, जिन्हें प्रतिधारण शुल्क दिया जाता है. इनके चुनाव लड़ने पर भी रोक लगी है. नगरपालिका का चुनाव इस क्षेत्र के वैसे वोटर ही लड़ सकेंगे जिनकी उम्र 21 वर्ष या उससे अधिक हो तथा उस श्रेणी से बाहर हो. वहीं, सेवानिवृत सरकारी लोक सेवक, डीलर, कमीशन के आधार पर कार्य करने वाले अभिकर्ता, अकार्यरत गृह रक्षक अभ्यर्थी हो सकते हैं. केवल शुल्क के आधार पर नियुक्त सरकारी अधिवक्ता व अपर लोक अभियोजक चुनाव लड़ सकते हैं. निर्वाचन आयोग ने वैसे व्यक्ति के चुनाव लड़ने पर भी रोक लगायी है जिन्हें 4 अप्रैल 2008 के बाद तीसरी चौथी अथवा इससे अधिक संतान हुई हो. अगर गलत जानकारी देकर वे चुनाव मैदान में आ भी जाते हैं तो लोग इनकी शिकायत कर इन्हें बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं.

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