17 वर्ष बाद हत्या के मामले में दो आरोपितों को आजीवन कारावास

कटिहार : अपर जिला व सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय द्वितीय सुभाष चंद्र प्रसाद की अदालत ने बुधवार को हत्या के आरोपित दो भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाया है. स्थानीय चौधरी मोहल्ला निवासी मो जैनुल के दो पुत्र मो मुनव्वर व मुजाहिद को भादवि की धारा 302 के तहत दोषी पाये जाने पर न्यायलय […]

कटिहार : अपर जिला व सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय द्वितीय सुभाष चंद्र प्रसाद की अदालत ने बुधवार को हत्या के आरोपित दो भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाया है. स्थानीय चौधरी मोहल्ला निवासी मो जैनुल के दो पुत्र मो मुनव्वर व मुजाहिद को भादवि की धारा 302 के तहत दोषी पाये जाने पर न्यायलय ने यह सजा सुनाया है. न्यायलय ने दोनों अभियुक्तों को अर्थदंड के रूप में 4000 जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना की राशि भुगतान नहीं करने पर अभियुक्त को दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. 17 वर्ष बाद आये इस फैसले में न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया.

दिसंबर 2000 में नगर थाने में दर्ज इस मामले में सूचक मो शहाबुद्दीन ने नगर थाने में दिये फर्द बयान में कहा था कि उसका पड़ोसी मनोवर उसकी बहन को छेड़खानी तथा मजाक किया करता था. अभियुक्त मनव्वर ने उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ किया है. पूछने पर मनव्वर ने देख लेने की धमकी दिया. इसी बीच अभियुक्त मनोवर का भाई मुजाहिद आकर उसके साथ मारपीट करना शुरू कर दिया. सूचक के पिता मुन्ना मास्टर बीच बचाव के लिए आये, लेकिन अभियुक्त गण उसके साथ भी उलझ पड़े.

इसी बीच मनोवर का सहयोगी नजीम व उसका लड़का भी आया और सभी ने उसके पिता मुन्ना मास्टर के साथ मारपीट शुरू कर दिया. परिवार वालों ने उसे सदर अस्पताल इलाज के लिए ले गया. जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी. अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेंद्र कुमार मिश्रा ने कुल 11 गवाहों का न्यायलय में परीक्षण कराया.

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