पहले भी कई मामले आये एसपी कर चुके हैं कार्रवाई

कटिहार : मनिहारी थाना में पदस्थापित थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार पासवान के विरुद्ध मनिहारी थाना में ही अापराधिक मामला दर्ज किया गया है. इसमें थानाध्यक्ष पर आरोप लगा है कि पागलबाड़ी निवासी एक शराबी को बीते 22 फरवरी को मनिहारी में तैनात एसआइ सत्येंद्र प्रसाद ने गिरफ्तार किया था. थानाध्यक्ष के निर्देश पर […]

कटिहार : मनिहारी थाना में पदस्थापित थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार पासवान के विरुद्ध मनिहारी थाना में ही अापराधिक मामला दर्ज किया गया है. इसमें थानाध्यक्ष पर आरोप लगा है कि पागलबाड़ी निवासी एक शराबी को बीते 22 फरवरी को मनिहारी में तैनात एसआइ सत्येंद्र प्रसाद ने गिरफ्तार किया था. थानाध्यक्ष के निर्देश पर उक्त आरोपित को मेडिकल जांच के लिए भी मनिहारी चिकित्सालय भेजा गया था, जहां चिकित्सक ने मेडिकल जांच में आरोपित के द्वारा शराब सेवन की पुष्टि भी की थी. बावजूद मनिहारी थाना में पदस्थापित थानाध्यक्ष ने आरोपित को छोड़ दिया.

जिस मामले में मनिहारी एसडीपीओ सह एएसपी विशाल शर्मा ने मामले की जांच करते हुए जांच प्रतिवेदन एसपी डॉ सिद्धार्थ को सौंपा. एसपी ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया. इधर एसपी ने एएसपी के जांच प्रतिवेदन डीआइजी पूर्णिया को भेजा था. डीआइजी के निर्देश पर मनिहारी थाना में उक्त थानाध्यक्ष के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है. फिलहाल आरोपित थानाध्यक्ष पुलिस गिरफ्त से बाहर है. सनद हो कि बिहार में पूर्ण शराब बंदी की घोषणा के बाद जिले में पुलिस पदाधिकारी द्वारा शराब सेवन करने तथा पुलिस कस्टडी में आये शराबी या तस्कर को छोड़ने का जिले का यह पहला मामला नहीं है. इसके पूर्व भी कई मामले जिले में घट चुकी है, जिसमें जिला पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी.

मद्य निषेधाज्ञा को प्रभावी बनाने को लेकर पुलिस के तेवर तल्ख : बिहार में मद्य निषेध की घोषणा को प्रभावी बनाने को लेकर राज्य सरकार ने पटना मुख्यालय को शराबी, शराब तस्कर, शराब विक्रेता के विरुद्ध कई घोषणाएं भी की. साथ ही राज्य सरकार ने यह भी आदेश जारी किया था कि जिस घर में शराब मिलेगी उसके अभिभावकों को भी जेल तथा जिस थाना परिसर में शराब बिकने की सूचना मिलेगी, उस थानाध्यक्ष पर भी कार्रवाई की जायेगी. लेकिन राज्य सरकार के आदेश की धज्जियां सरकार के अधीन कार्यरत ही कर रहे हैं. अभी भी जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कई ऐसे मामले सामने आते रहे है जिसमें शराब के साथ पकड़े आरोपित से मोटी रकम लेकर उसे छोड़ दिया जाता है. उत्पाद विभाग ने जिला पुलिस की सहायता से जिले में छापेमारी कर नौ सौ से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. एक लाख लीटर से अधिक देसी शराब भी बरामद हो चुकी है.
समाहरणालय के मुख्य द्वार के सामने स्थित पार्क में बीते वर्ष 25 मई 2016 को बिहार में मद्य निषेध की घोषणा के बाद एक बीएमपी जवान शराब के नशे में धुत पड़ा था. जब इस बात की जानकारी आनन-फानन में जिला पुलिस व उत्पाद विभाग को हुई तो पुलिस ने अविलंब कार्रवाई करते हुए आरोपित को मेडिकल जांच में भेज दिया, लेकिन एसपी डॉ सिद्धार्थ के निर्देश पर उसे निलंबित कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.
मनिहारी थाना में पदस्थापित एएसआई विनोद कुमार को नशे में धुत पाया गया था. एएसपी सह मनिहारी एसडीपीओ विशाल शर्मा ने एसपी को मामले से अवगत कराया. एसपी डॉ सिद्धार्थ ने मामले को लेकर अविलंब एएसआई विनोद कुमार को निलंबित कर दिया तथा एसपी के निर्देश पर मनिहारी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.
बलरामपुर थाना में पदस्थापित अवर निरीक्षक पश्चिम बंगाल में नशे में धुत था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया था. एसपी ने उक्त मामले में कार्रवाई करते हुए उक्त पुलिस पदाधिकारी को अविलंब निलंबित कर दिया था.
फलका थाना में पदस्थापित थानाध्यक्ष सुनील कुमार पर भी शराब के नशे में धुत होने को लेकर उसके साथ मारपीट कर बंधक बनाने का मामला भी घटित हुई थी. इस घटना की जानकारी मिलते ही कटिहार एसपी पुलिस दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे थे. पुलिस आश्वासन के बाद सुनील को ग्रामीणों ने छोड़ा था. उक्त मामले में एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष को निलंबित कर उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.
सहायक थाना क्षेत्र के टीवी टावर में 20 जनवरी को नशे में धुत एक सिपाही पप्पू ने संजय व उसके भाई पर चाकू से हमला बोल दिया था तथा एक वृद्ध बीनू पासवान को पीट दिया था. बीते तीन मार्च को उक्त वृद्ध की मौत भी हो गयी. आरोपित को निलंबित कर उसके विरुद्ध सहायक थाना में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक िहरासत में भेजा था.

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