दुखद . कोढ़ा के मुसापुर पंचायत के छोटी परमानंदपुर गांव की घटना
छोटी परमानंदपुर गांव में आग लगने से नौ परिवार के 18 घर जल गये. इसमें लाखों की संपत्ति के नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है.
कोढ़ा : प्रखंड के मुसापुर पंचायत के छोटी परमानंदपुर गांव में बुधवार रात्रि आग लगने से नौ परिवार के 18 घर जल गये. इस अग्निकांड में नकदी सहित लाखों रुपये की क्षति की बात कही जा रही है. घटना को लेकर बताया गया कि बुधवार रात्रि लगभग 11:00 बजे चंदन गुप्ता के घर से अचानक आग उठी और देखते ही देखते आग ने टुनटुन गुप्ता के दो घर जिसमें किराना दुकान सहित एक मोटरसाइकिल व नकदी दो हजार रुपये, राम चंद्र गुप्ता के दो घर सहित बीस हजार नकद, मनोज गुप्ता के घर बेटी के शादी के लिए रखे दस हजार नकदी सहित कपड़ा एवं सोना चांदी के आभूषण, चंदन गुप्ता के नौ हजार रुपये सहित किराना दुकान एवं घरेलू उपयोग के सामान, पवन गुप्ता के दो घर सहित हजारों रुपए के समान, गोपाल सिंह के खाद गोदाम में हजारों के खाद,
भूलन ऋषि के दो घर, पंखी देवी के एक घर, दुर्गा मेहता का एक घर, रामविलास ऋषि एवं अनमोल ऋषि का एक-एक घर जलकर राख हो गया. घटना को देख भारत तिब्बत सीमा पुलिस 48वीं वाहिनी के सहायक सेनानी गणेश सिंह एवं दर्जनों जवानों ने अग्निकांड को देख कर कैंप से पानी टैंक एवं आग बुझाने के उपकरण द्वारा तत्काल मौके पर पहुंच कर त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर किसी तरह काबू पाया. सेनानी संजीव कुमार सिंह के निर्देश पर पीड़ित परिवार को राहत सामग्री मुहैया कराने की बात कही गयी है. घटना की सूचना पाकर गुरुवार सुबह अंचल पदाधिकारी प्रवीण कुमार वत्स मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले एवं सरकारी सहायता उपलब्ध करवाने की बात कही है. वही आईटीबीपी के प्रवीण कुमार एवं रामलाल ने बताया कि सभी पीड़ित परिवारों को दो दिन का भोजन कैंप के तरफ से खिलाया जायेगा. घटना की सूचना पाकर मौके पर पूर्व प्रमुख मनोज कुमार, जिला पार्षद सदस्य सुनीता देवी, प्रखंड विकास पदाधिकारी अनित कुमार एवं कांग्रेस प्रखंड अघ्यक्ष रवि किशन व अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को संतावना के साथ जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने की बात कही. घटना बाद मनोज गुप्ता एवं उसके पत्नी पिंकी देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था. उसने अपनी तीन पुत्री के शादी के लिए घर में रखे गहने कपड़े नकदी सहित अनाज एवं अन्य सामान जलकर राख हो जाने से बुरा हाल था. बेटी के शादी कैसे होगी यह सोच-सोच कर परेशान हो रहे थे. मामले को लेकर अंचल पदाधिकारी ने बताया कि आईटीबीपी के सहयोग से बड़ा हादसा टाला जा सका एवं पीड़ित परिवार के सूची आपदा विभाग को मुहैया कराया गया है. जल्द ही नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध करायी जायेगी.
दाने-दाने को मोहताज हुए अग्निपीड़ित . अगलगी की घटना के बाद पीड़ित परिवार के लोग दाने-दाने को मोहताज हो गये हैं. जो कल तक दूसरे को सहायता करने की स्थिति में थे वे आज दूसरों पर आश्रित होकर रह गये हैं. अगलगी की घटना के बाद सभी परिवार के लोग दूसरे के भरोसे अपना जीवन यापन कर रहे हैं. उनके बच्चे भूख से बिलबिला रहे हैं. अग्निपीड़ित प्रशासन की ओर टकटकी लगाये बैठे हुए हैं.
