क्या शिवा की पढ़ाई के प्रति ललक होगी पूरी

कटोरिया : सूर्य उदय से पहले ही शिवा जैसे कई बच्चे कंधे पर स्कूल की बैग की जगह प्लास्टिक की खाली बोरी लेकर रोटी की जुगाड़ में निकल पड़ता है. सड़क किनारे के कूड़े के ढेर में से प्लास्टिक, लोहा, टीना, तांबा, अल्युमूनियम आदि के टुकड़े जमा कर उसे बेचना ही ऐसे कई बच्चों की […]

कटोरिया : सूर्य उदय से पहले ही शिवा जैसे कई बच्चे कंधे पर स्कूल की बैग की जगह प्लास्टिक की खाली बोरी लेकर रोटी की जुगाड़ में निकल पड़ता है. सड़क किनारे के कूड़े के ढेर में से प्लास्टिक, लोहा, टीना, तांबा, अल्युमूनियम आदि के टुकड़े जमा कर उसे बेचना ही ऐसे कई बच्चों की जिंदगी बन गयी है. इसी क्रम में जब शिवा को एक पुरानी किताब मिली, तो वह कई मिनटों तक मन में पढ़ाई की ललक लिये उसके पन्ने उलटता रहा. काश जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नजर शिवा जैसे मासूम बच्चों की ओर जाये और उसके बचपन को तार-तार होने से बचा लिया जाय. ताकि उसे शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ कर देश का भविष्य बनाया जा सके.

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