पहल. भाषा, गणित व पर्यावरण अध्ययन में प्रारंभिक विद्यालय के बच्चे कमजोर
एनएएस 2015 की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि भाषा, गणित व पर्यावरण अध्ययन में प्रारंभिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे कमजोर हैं. ऐसे बच्चों के लिए जनवरी में विशेष कक्षा का संचालन होगा. स्थानीय बिहार शिक्षा परियोजना ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है.
कटिहार : प्रारंभिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे दूसरे विद्यालय में पढ़ने वालों बच्चे की तुलना में भाषा, गणित व पर्यावरण अध्ययन में कमजोर हैं. ऐसे बच्चों को चिह्नित कर विशेष कक्षा के जरिये उनमें गुणात्मक सुधार लाया जायेगा. इसके लिए स्थानीय शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के निर्देश के आलोक में स्थानीय बिहार शिक्षा परियोजना के द्वारा तैयारी शुरू की गयी है.
भाषा, गणित व पर्यावरण अध्ययन में कमजोर बच्चों की विशेष कक्षा को लेकर न केवल शिक्षा विभाग सक्रिय रहेगा, बल्कि इस मुहिम में अभिभावकों को जोड़ने की भी तैयारी की गयी है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने नेशनल अचिवमेंट सर्वे 2015 के आलोक में विशेष कक्षा के आयोजन को लेकर 08 दिसंबर 2016 को पत्र जारी किया है.
एनएएस 2015 एनसीइआरटी के द्वारा कराया गया है. एनसीइआरटी के द्वारा सर्वे रिपोर्ट जारी होने के बाद राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है. इस सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का भाषा, गणित व पर्यावरण अध्ययन में ज्ञान का औसत राष्ट्रीय औसत से काफी कम है. बिहार के बच्चों के इन विषयों पर औसत जानकारी को भी साझा किया गया है. एनएएस 2015 की पूरी रिपोर्ट व्हाट स्टूडेंट नाव एण्ड केन डू के आधार पर तैयार की गयी है. रिपोर्ट में बिहार के परिपेक्ष्य में कहा गया है कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं तथा विभिन्न सामाजिक कोटि के बच्चों के प्रदर्शन में कोई खास अंतर नहीं पाया गया है.
दो घंटी में होगी विशेष कक्षा
एनएएस 2015 व अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा परिणाम के आधार पर जनवरी 2017 के प्रथम सप्ताह से जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के बाद दो घंटे का विशेष कक्षा चलाया जायेगा. मूल्यांकन परीक्षा में ग्रेड सी, डी व ई प्राप्त करने वाले बच्चों के लिए दो घंटी की विशेष कक्षा आयोजित होगी. कक्षा संचालन का अनुश्रवण स्थानीय स्तर पर सीआरसीसी व प्रखंड साधन सेवी के द्वारा किया जायेगी. इसके साथ ही निर्धारित प्रपत्र में वर्गवार रिपोर्ट भेजी जायेगी. खासकर निर्धारित प्रपत्र में कक्षावार आच्छादित बच्चों की सूचना विभाग को भेजी जायेगी.
अभिभावकों को भी कराया जायेगा अवगत
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के अनुसार बच्चों के शैक्षणिक ज्ञान की रिपोर्ट अभिभावकों के साथ भी साझा की जायेगी. अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा के परिणाम तथा एनएएस 2015 के रिपोर्ट को लेकर विद्यालय स्तर पर शिक्षकों व अभिभावकों की बैठक होगी. इस बैठक में दोनों रिपोर्टों पर चर्चा की जायेगी. साथ ही जनवरी 2017 से शुरू होने वाले विशेष कक्षा को लेकर भी चर्चा होगी. यह बैठक 23 व 24 दिसंबर को करने का निर्देश दिया गया है. प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान के स्थानीय कार्यालय द्वारा सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को इसके अनुपालन को लेकर निर्देश दिया गया है.
कक्षा पांच के 55 प्रतिशत बच्चों को गणित की कम है जानकारी
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कहा गया है कि वर्ग पांच के बच्चों द्वारा मात्र 29 प्रतिशत भाषा, 45 प्रतिशत गणित व 43 प्रतिशत पर्यावरण अध्ययन के प्रश्नों का सही उत्तर दिया गया. वहीं 35 प्रतिशत से कम बच्चों ने भाषा में 76 प्रतिशत, गणित में 41 प्रतिशत व पर्यावरण अध्ययन में 44 प्रतिशत प्रश्नों के उत्तर दिये. दो प्रतिशत बच्चों ने भाषा में 75 प्रतिशत प्रश्नों के उत्तर दिये. दस प्रतिशत बच्चों ने गणित में 75 प्रतिशत प्रश्नों के उत्तर दिये. वहीं नौ प्रतिशत बच्चे भी पर्यावरण अध्ययन में 25 प्रतिशत प्रश्नों के उत्तर नहीं दे सके.
