सामूहिक विवाह की तैयारियां पूरी हो गयी हैं. विवाह में शामिल होने के लिए डीएम सहित अन्य अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है. खास यह है कि इस आयोजन में हर तबके का सहयोग रहता है.
कटिहार : जिले में पिछले एक दशक से लगन के इस मौसम में नि:शक्तजनों की शहनाई बजती आ रही है. शनिवार को अंतरराष्ट्रीय विकलांगता दिवस पर एमजेएम महिला कॉलेज परिसर नि:शक्तजनों के विवाह का साक्षी बनेगा. पिछले दस वर्षो से शहर में नि:शक्त जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न होता रहा है. ऐसे विवाह अनुष्ठान में डीएम सहित कई प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी भाग लेते रहे हैं. शनिवार को चार नि:शक्त जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे. इस सामाजिक अनुष्ठान का आयोजन कोशी क्षेत्रीय विकलांग विधवा वृद्ध कल्याण समिति कटिहार की अगुवाई में होता है. आयोजन में समाज का हर तबका अपने-अपने तरीके से सहभागी बनता है.
विकलांगता दिवस पर कार्यक्रम : अंतरराष्ट्रीय विकलांगता दिवस पर इस बार चार नि:शक्त परिणय सूत्र में बंधेंगे. स्थानीय महिला कॉलेज परिसर में सामूहिक विवाह अनुष्ठान का आयोजन होगा. इसमें गाजे-बाजे के साथ बरात निकलेगी. जो चार नि:शक्त जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे, उनमें ललिता संग बलराम, तेतरी संग लखन, सरिता संग विजय व ऐथेमत संग वर्सो शामिल हैं. विवाह अनुष्ठान गायत्री परिवार पद्धति से होगा. विवाह समारोह का आयोजन दोपहर एक बजे से चार बजे अपराह्न तक होगा. संध्या पांच बजे वर वधू को विदाई दी जायेगी.
किया आमंत्रित : नि:शक्त युवा जोड़ा के शादी समारोह में अधिकारी व जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है. आयोजकों द्वारा डीएम ललन जी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा अक्षय रंजन सहित कई अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है. साथ ही विधायक, मेयर सहित कई जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है.
उल्लेखनीय है कि पिछले दस वर्षों से नि:शक्तजनो के सामूहिक विवाह गाजे-बाजे के साथ होती है. पिछले वर्षों में हुए शादी समारोह में तत्कालीन जिला पदाधिकारी वर-वधू को आशीर्वाद देने भी पहुंचते थे. साथ ही जनप्रतिनिधि व समाज का हर तबका शादी समारोह में हिस्सा लेता रहा है.
