बारसोई की स्थिति हो रही गंभीर

हालात . कटिहार जिले में बढ़ रही एचआइवी पीड़ितों की संख्या सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर किये जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद एचआइवी व एड्स कटिहार जिले में बढ़ता ही जा रहा है. खासकर कटिहार जिले का पूर्वी इलाका यानी बारसोई अनुमंडल क्षेत्र के कई पंचायत व गांव एचआइवी के मामले में रेड […]

हालात . कटिहार जिले में बढ़ रही एचआइवी पीड़ितों की संख्या

सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर किये जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद एचआइवी व एड्स कटिहार जिले में बढ़ता ही जा रहा है. खासकर कटिहार जिले का पूर्वी इलाका यानी बारसोई अनुमंडल क्षेत्र के कई पंचायत व गांव एचआइवी के मामले में रेड जोन माने जाने लगे हैं.
कटिहार : जिले में गुरुवार को होने वाले विश्व एड्स दिवस को लेकर सरकारी और गैर सरकारी संगठनों द्वारा विभिन्न तरह के गतिविधियों के आयोजन की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
हर वर्ष पहली दिसंबर को वैश्विक स्तर पर विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है. इस दिन न केवल सरकारी विभाग द्वारा एड्स व एचआइवी के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते रहे हैं, बल्कि गैर सरकारी संगठन व अन्य स्वैच्छिक संगठनों द्वारा भी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. कटिहार जिले में एचआइवी व एड्स को लेकर शुरुआती दौर से ही कई तरह की गतिविधियां होती रही हैं.
एचआइवी व एड्स की रोकथाम को लेकर राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) के सहयोग से बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा कई तरह की व्यवस्था की गयी है. कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आइसीटीसी खोला गया है. साथ ही जिलेभर में एचआइवी व एड्स नियंत्रण को लेकर जिला एड्स बचाव एवं नियंत्रण इकाई का भी गठन किया गया है. गैर सरकारी स्तर पर भी सरकारी सहयोग से कई तरह की गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है.
विश्व एड्स दिवस को लेकर प्रभात खबर ने विभिन्न स्तरों पर पड़ताल की है. पड़ताल में यह बात सामने आयी है कि सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर किये जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद एचआइवी व एड्स कटिहार जिले में बढ़ता ही जा रहा है. खासकर कटिहार जिले का पूर्वी इलाका यानी बारसोई अनुमंडल क्षेत्र के कई पंचायत व गांव एचआइवी के मामले में रेड जोन माने जाने लगे हैं.
विश्व एड्स दिवस आज
तमाम प्रयास के बाद भी बढ़ रहे मामले
जिले में सरकारी व गैरसरकारी स्तर पर एचआइवी व एड्स की रोकथाम को लेकर किये जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद यह रुकने का नाम नहीं ले रहा है. जिले के विभिन्न अस्पतालों में संचालित आइसीटीसी हर महीने जांच कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं. जांच के बाद कई लोग एचआइवी पॉजिटीव भी मिल रहे हैं. चालू वित्तीय वर्ष 2016-17 में अप्रैल से अक्तूबर तक विभिन्न आसीटीसी सेंटर में 3376 लोग रक्त जांच कराने पहुंचे थे. इनमें से 165 एचआइवी पॉजिटीव पाये गये.
सिर्फ अक्तूबर महीने में 20 लोग एचआइवी पॉजिटीव से ग्रसित हुए. वित्तीय वर्ष 2015-16 में एचआइवी पॉजिटीव के 326 मामले चिह्नित किये गये. हालांकि जिला एड्स बचाव एवं नियंत्रण इकाई का दावा है कि पिछले अन्य वर्षो की तुलना में एचआइवी के लिए जांच अधिक हो रही है. पहले की तुलना में एचआइवी पॉजिटीव के मामले में कमी आयी है.
2571 लोग जिले में है एचआइवी पॉजिटीव : जिले में अब तक 2571 लोग एचआइवी पॉजिटीव पाये गये हैं. इसमें सर्वाधिक एचआइवी पॉजिटीव बारसोई प्रखंड में हैं. बारसोई प्रखंड के कई गांव एचआइवी के मामले में संवेदनशील हैं. खासकर चांदपाड़ा पंचायत की स्थिति ठीक नहीं है. बारसोई प्रखंड अंतर्गत स्थानीय आइसीटीसी में हुए जांच के बाद इस क्षेत्र के 455 लोग एचआइवी से ग्रसित पाये गये हैं, जबकि आइसीटीसी कदवा में 75,
बरारी में 46, कोढ़ा में 68, बलरामपुर में 32 लोग एचआइवी पॉजिटीव मिले हैं. वहीं सदर अस्पताल स्थित आइसीटीसी में अब तक 1376 लोग एचआइवी पॉजिटीव मिले हैं. सदर अस्पताल के पीपीटीसीटी द्वारा 55 महिलाएं एचआइवी से ग्रसित मिली हैं. कटिहार मेडिकल कॉलेज के आइसीटीसी में जांच के बाद 457 लोग एचआइवी से संक्रमित पाये गये हैं. केएमसीएच के पीपीटीसीटी में 10 महिलाएं पॉजिटीव मिलीं.

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