संकट देख कांपने लगे लोग

दहशत . बांध टूटने के बाद लोग माल मवेशियों के साथ भागने लगे कुरसेला : गुमटी टोला बांध के कटने से हर तरफ कोहराम मच गया. कटाव स्थल से पानी बहाव की गति देखकर क्षेत्र के जनमानस भय से कांप उठे. आपदा संकट के खतरे को भांप मधेली गुमटी टोला मोकना टोला मरघिया बखरी सहित […]

दहशत . बांध टूटने के बाद लोग माल मवेशियों के साथ भागने लगे

कुरसेला : गुमटी टोला बांध के कटने से हर तरफ कोहराम मच गया. कटाव स्थल से पानी बहाव की गति देखकर क्षेत्र के जनमानस भय से कांप उठे. आपदा संकट के खतरे को भांप मधेली गुमटी टोला मोकना टोला मरघिया बखरी सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण अफरा तफरी में जरूरत के समानों के साथ पलायन करने लगे. पानी का तेज प्रवाह ने घंटे के अंदर एक बड़े भूभाग को जलमग्न कर दिया. फैलता पानी गति के साथ निरंतर आगे बढ़ते हुये नये क्षेत्र को चपेट में लेती जा रही थी. हजारों एकड़ में लगे धान मक्का आदि फसलें डुबती चल जा रही थी.
प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को जानमाल पर खतरे का भय उत्पन्न हो गया था. मधेली गांव के समीप ईट भटठा के उंचे टीले पर अनेकों परिवारों ने तत्काल पशुओं के साथ शरण ले लिया. तटबंध के आस पास के गांव मधेली गुमटी टोला मोकना टोला मरघिया बखरी में अफरा तफरी के बीच भागम भाग की स्थिति कायम हो गयी. जीवन बचाने की चिंता में किसी को किसी से बात करने का समय नहीं था. घरों से समानों को निकालकर ट्रैक्टरों आदि वाहनों पर गांव से निकालने की हौड़ मच गयी थी. पानी के रफ्तार को देख हर चेहरे कांप रहे थे.
गांगा नदी के कटे तटबंध के करीब होने से बाढ़ के जलप्रलय की विभिषिका होने की आशंका बन आयी थी. गांवों से बाहर निकलने की होड़ में लोग पशुओं को भी साथ ले जा रहे थे. आफत को सामने देखकर किसी को जान बचाने की फिक्र हो गयी थी. स्थिति भाप लोग घंटे दो घंटे में गांवो से बाहर निकल जाना चाहते थे. प्रशासनिक स्तरों पर गांवो को खाली करने के घोषणायें की जा रही थी.
सड़क पर बढ़ रहा था पानी का दबाब : तटबंध के कटे स्थल से पानी का तेज बहाव ने मधेली के संपर्क पथ को घेरे में ले लिया. सड़क पर हर तरफ पानी का दबाब बढ़ गया. जिससे गांव के संपर्क पथ के कटने की संभावना बढ़ गयी. मधेली गांव के ग्रामीण कह रहे थे जल्दी भागो अन्यथा गांव से बाहर भागने के रास्ते भी बंद हो जायेंगे. माना जा रहा था कि कुछ घंटे के भीतर सड़क भी कट कर ध्वस्त हो जायेंगा. तेज गति से फैलता पानी रेल लाइन के पुलियो से गुजर कर दुसरे क्षेत्र को घेरे में ले लिया. घंटे भर में हालात मधेली गांव के सड़क संपर्क टूट जाने के बने हुये थे. जल प्रवाह के विकराल स्थिति से हर तरफ संकट की स्थिति दिखाई पड़ रही थी. बखरी रेल स्टेशन की तरफ पानी का तेज प्रवाह बना हुआ था. जिससे मरघीया गांव के सड़कों पर भी पानी का दबाब बढ़ रहा था. तीन दिशा में पानी बहाव के होने से मधेली सहित आस पास क्षेत्र में बड़ी तबाही होने की स्थिति पैदा हो गयी थी.

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