स्पर्श अपहरण कांड
कुरसेला : बच्ची को अगवा करने वाले मिथुन पासवान अप्रैल में ही एनबीआर स्कूल में स्कूल वाहन चालक के रूप में बहाल हुआ था. कुरसेला गांव व बाजार के बच्चों को यह स्कूल वाहन से लाने पहुंचाने का कार्य करता था. इसमें मासूम स्पर्श को भी वह घर छोड़ने का कार्य करता था. इसके पिता सोने लाल पासवान पिछले कई वर्षो से इसी स्कूल में वाहन चालक के रूप में कार्य करते आ रहे हैं. कतिपय वजह से मिथुन ने 24 जुलाई को नौकरी छोड़ दी. इसके दस दिन बाद उसने स्पर्श को अगवा कर लिया. मिथुन का पैतृक घर खगड़िया जिले के महेशखूंट कन्हैया टोला में बताया गया है. दूसरा चालक खेरिया गांव के मिठ्ठु मिश्रा स्कूल में तीन महीने पूर्व स्कूल वाहन चालक बना था. स्कूल में दो मैक्सी दो मैजिक व एक स्कूल बस बच्चों को लाने पहुंचाने के लिये है. जिनके अलग-अलग चालक हैं.
भाड़े पर लिया था बोलेरो : अगवा करने वाले युवक मिथुन पासवान ने तीनघरिया गांव के अशोक सिंह की बोलेरो किराये पर ली थी. अगवा करने के पहले दिन के तकरीबन 1.30 बजे उसने बोलेरो को साथ ले लिया था.
