आरोपी दारोगा ने दी सफाई
कहा, सुनियोजित तरीके से फंसाया गया
कटिहार : फलका थानाध्यक्ष पर रविवार की रात छेड़खानी का आरोप लगाते हुए उन्हें बंधक बनाकर पिटाई करने के मामले में आरोपी थानाध्यक्ष ने कहा कि घटना सुनियोजित थी. शराब व बरतन को गाड़ी में प्लांट किया गया था, ताकि उन पर उत्पाद अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जा सके. उन्होंने कहा कि 52 वर्षीया महिला ने छेड़खानी का आरोप उन्हें फंसाने के लिए लगाया है.
उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि फोन पर शराब बेचे जाने की सूचना पर वह निजी वाहन से फलका बाजार पहुंच गये. वहां शिक्षक के पुत्र के समीप शराब पड़ी थी. उसी संदर्भ में उससे पूछताछ कर ही रहा था कि इतने देर में वादी महिला व उसके पति सहित अन्य परिजन उन पर टूट पड़े और उन्हें पीट कर बंधक बना लिया. थानाध्यक्ष की पिटाई देख गाड़ी में बैठा चालक वहां से अपनी जान बचाकर भाग खड़ा हुआ.
शिक्षक के आरोप सही, तो क्या यह कार्य शोभनीय : आरोपी दारोगा का कहना है कि अगर पीड़ित शिक्षक व उनकी पत्नी के आरोप सही हैं, तो क्या उन्हें बंधक बना कर मारपीट कर गले में चप्पल जूते की माला डालकर फोटो को वायरल करना कहां तक उचित है. अगर उन्होंने अपराध ही किया था, तो उसकी जानकारी एसपी व वरीय पदाधिकारी को देकर उनके विरुद्ध कार्रवाई करायी जा सकती थी.
टार्च जलाने पर चौकीदार को भी पीटा था : फलका बाजार के शिक्षक व उसका परिवार का मानों पुलिस के साथ पूर्व से ही कोई दुश्मनी हो. बीते वर्ष पूर्व असलम शेर अंसारी फलका थानाध्यक्ष थे. चौकीदार गस्त कर रहा था. उसी दौरान उसके टार्च की रोशनी शिक्षक के घर के खुले कमरे की ओर चली गयी थी. इस कारण उक्त शिक्षक व उसके परिजनों ने चौकीदार तक को पीटने में कोई कसर न छोड़ी थी. उपरोक्त मामले में भी कुछ ऐसा ही माहौल उत्पन्न हो गया था. इस बाबत उक्त शिक्षक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.
