कदवा : कदवा में महानंदा नदी से आयी प्रलयंकारी बाढ़ को लेकर बुधवार से एनडीआरएफ की टीम को बाढ़ के पानी में फंसे परिवारों को निकालने में लग गयी है. बुधवार की सुबह एनडीआरएफ की टीम मैनेजर दीप राठौर के नेतृत्व में 90 की संख्या में जवान और अधीनस्थ पदाधिकारी बाढ़ पीड़ितों के बचाव कार्य में तीव्र गति से कार्य में लग गये हैं. समाचार प्रेषण तक बाढ़ में फंसे लगभग 50 लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
इनके साथ लोकेशन बताने के लिए स्थानीय प्रखंडकर्मी भी साथ हैं. इधर बाढ़ पीड़ितों के राहत और बचाव के लिए कुल 48 नावों की व्यवस्था अंचल पदाधिकारी शिशिर कुमार वर्मा द्वारा उपलब्ध करायी गयी है. प्रखंड मुख्यालय में तैनात डीआरडीए निदेशक राम निरंजन सिंह एवं बीडीओ कुमार सौरभ ने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों के ठहराव के लिए कुल 21 सुरक्षित स्थानों को शिविर बनाया गया है. जहां सूखा राशन चूड़ा व गुड़ उपलब्ध कराया जा रहा है.
उक्त केंद्रों में शरणार्थी बने बाढ़ पीड़ितों ने कहा की उपलब्ध कराया गया राशन ऊंट के मुह में जीरा का फोरन के समान है. एनडीआरएफ की टीम के द्वारा तीव्र गति से कार्य किये जाने के बाद भी लोग सैकड़ों की संख्या में अब भी क्षेत्र में फंसे हुए हैं. महानंदा और रींगस नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी है. परंतु बाढ़ पीड़ितों द्वारा बढियापरती के पास तटबंध को काट दिये जाने के बाद तटबंध के अंदर जल जमाव का निकास होगा. जिससे तटबंध के भीतर जलमग्न प्रभावित पंचायतों क्रमशः भर्री, सिकोरना, जाजा, धनगामा, धपरसीया, गोपीनागर, गेठौरा, तेतलिया, शिकारपुर, चौनी और तैयबपुर, बिझाडा आदि के लोगों को राहत मिलेगी.
