कैसे जमा करेंगे बिल
कटिहार : विद्युत आपूर्ति प्रमंडल कटिहार की लापरवाही के कारण उपभोक्ताओं को विद्युत बिल विपत्र नहीं मिल रहा है. इसका मुख्य कारण है उपभोक्ताओं के यहां मीटर रीडिंग नहीं होना. शहरी क्षेत्र में कई ऐसे इलाके हैं, जहां पर मीटर रीडिंग नहीं हो रही है. इसके कारण उपभोक्ता बिल तो जमा नहीं कर पाते हैं, वहीं भारी भरकम एक मुश्त बिल उपभोक्ताओं को भेज दिया जाता है. एकमुश्त बिल जमा करने में उपभोक्ताओं के पसीने छूट जाते हैं.
फिलहाल मोबाइल मीटर रीडिंग के लिए मानव बल लगाया गया है, लेकिन यह मानव बल भी मीटर रीडिंग करने में असफल साबित हो रहे हैं. लक्ष्य के अनुरूप यह मानव बल मीटर रीडिंग नहीं कर पाते हैं. इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है. यह कोई नयी बात नहीं है. ऐसा सिलसिला कई सालों से चलता आ रहा है.
मीटर रीडिंग नहीं होने से क्या है परेशानी : विभाग द्वारा नियमित मीटर रीडिंग शहरी क्षेत्र में कई जगह नहीं किया जाता है. दो तीन माह पर मीटर रीडिंग लिया जाता है. शहर के शिव मंदिर चौक बड़ा बाजार, अमला टोला, गामी टोला, मिरचाईबाड़ी, नया टोला, तीनगछिया, विनोदपुर, खनका ऐसे इलाके हैं जहां मीटर रीडिंग नियमित नहीं होती है. इन इलाकों से विद्युत उपभोक्ता को औसत बिल बनाकर भेज दिया जाता है. मीटर रीडिंग नहीं होने के कारण इसका फायदा बिचौलिये उठाते हैं. मीटर रीडिंग के लिए यह बिचौलिये अच्छी खासी रकम की उगाही उपभोक्ताओं से करते हैं.
शिव मंदिर चौक इलाके में जांच करायी जाये, तो कई ऐसे उपभोक्ता सामने आयेंगे, जिनसे सुविधा शुल्क लेकर मीटर रीडिंग किया गया है. वहीं जिन इलाकों में मीटर रीडिंग नहीं होती है, एकमुश्त मोटी रकम का बिल विपत्र विभाग के द्वारा बना कर भेज दिया जाता है. बिल विपत्र को ठीक कराने में उपभोक्ताओं के पसीने छूट जाते हैं. इतना ही नहीं नया कनेक्शन लेने वाले विद्युत उपभोक्ताओं को तीन से छह माह के बाद ही बिल विपत्र प्राप्त होता है.
कहते हैं कार्यपालक अभियंता : कार्यपालक अभियंता आपूर्ति विजय कुमार ने बताया कि पटना मीटिंग में है. कटिहार आने पर ही इस संबंध में जानकारी दे सकेंगे.
