हालात . प्रचंड धूप से लोगों का घर से निकलना मुश्किल
धूप व गरमी से राहत पाने के लिए बुधवाार को पूरे दिन लोग बेचैन होते रहे. धूप व गरमी ने सारे रिकाॅर्ड को तोड़ डाले हैं. तेज धूप के कारण जहां सड़कों पर सन्नाटा रहता है, वहीं बाजार वीरानगी छायी रहती है.
कटिहार : तेज धूप व उमस भरी गरमी से लोग बुधवार को परेशान रहे. सुबह में बादल छाये रहे, नौ बजे के बाद धूप निकली तो लोग परेशान हो उठे. धूप व गरमी से राहत पाने के लिए पूरे दिन लोग बेचैन होते रहे. जिस तरह की गरमी लगातार पड़ रही है, उसे देखकर लोग कहने लगे हैं कि इस तरह की धूप व गरमी ने सारे रिकाॅर्ड को तोड़ डाला है.
कटिहार जिले का तापमान अप्रैल में इस वर्ष 42 डिग्री के पार हो गया, जबकि अधिकांश दिन तापमान 37 व 40 डिग्री के आसपास घूमता रहा. इस तरह की गरमी मई-जून के महीने में पड़ती थी. अप्रैल में आग उगलती धूप व शरीर को झुलसा देने गरमी से लोग परेशान हो रहे हैं. इससे पूरे जिले में पानी संकट गहराता जा रहा है.
ताल-तलैये सूख गये हैं. नदी का जलस्तर कम हो गया है. जिले के मनिहारी में जल स्तर इतना नीचे चला गया है कि कई चापाकल पूरी तरह से फेल हो गये हैं. इस तरह की स्थिति कटिहार जिले में पहले नहीं होती थी. जलस्तर यहां इतना नीचे कभी नहीं जाता था. दरअसल पोखर, धार सूखने एवं नदी का जलस्तर कम होने की वजह से जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है. जानकारों का कहना है कि जहां पहले तालाब, धार हुआ करता था उसमें सालों भर लबा-लब पानी भरा रहता था. वहां अब तालाब व धार को भरकर आलीशान भवन का निर्माण हो गया है. ऐसे में बरसात का पानी शहर के आसपास जमा नहीं रहने के कारण जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है.
तेज धूप से सुनसान हो जा रहा है बाजार : तेज धूप व भीषण गरमी के कारण पूर्वाहण 11 बजे से ही बाजार खाली हो जा रहा है. सड़कें सुनसान हो जा रही है. सड़क पर काफी कम वाहन चल रहे हैं. धूप व गरमी से बचने के लिए लोग घरों में रहना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. सरकारी कार्यालयों में भी दोपहर में सन्नाटा पसरा रहता है. जरूरी काम से ही लोग कार्यालय पहुंच रहे हैं. बुधवार को समाहरणालय, विकास भवन, एसडीओ कार्यालय, प्रखंड कार्यालय, डीटीओ ऑफिस आदि में देखने को मिला कि काफी कम संख्या में लोग पहुंचे हैं.
जबकि अन्य दिनों में इन कार्यालयों में हमेशा लोगों की भीड़ लगी रहती है. इसी तरह बाजार के दुकानों व बड़े-बड़े व्यवसायी ग्राहकों का इंतजार करते देखे जा सकते हैं. जहां एक मिनट व्यवसायी को फुरसत नहीं रहती थी वहां ग्राहक नदारद हैं.
स्टेशन के निकट भटकते हैं यात्री : कटिहार रेलवे स्टेशन के जीआरपी चौक के निकट यात्री छांव के लिए भटकते हैं. ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्री यहां पहुंच कर छांव नहीं मिलने से परेशान होते हैं. स्टेशन परिसर में खाली जगह काफी है, लेकिन पेड़ पौधों की कमी यहां कम होने की वजह से यात्री परेशान होते हैं.
लोगों का कहना है कि खाली पड़े स्थान पर यदि रेलवे पेड़ लगा दे तो यात्रि को काफी फायदा होगा तथा पर्यावरण को भी फायदा होगा. स्टेशन परिसर में जीआरपी पोस्ट के निकट ही पेड़ है जहां लोग हमेशा आपको मिल जायेंगे. वही जीआरपी चौक पर ऑटो स्टैंड अस्थायी रूप से चलता है लेकिन यात्रियों के लिए छांव की कोई व्यवस्था नहीं है. नतीजतन यात्री धूप में खड़े रहने को विवश होते हैं. यही स्थिति शहीद चौक पर भी है. यहां भी यात्रियों को छांव नसीब नहीं हो पाता है.
स्कूली बच्चों की परेशानी नहीं हो रही कम : तेज धूप व उमस भरी गरमी का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है. स्कूल से घर लौटने में बच्चों के पसीने छूट रहे हैं. बच्चों को लू लगने का खतरा उत्पन्न हो रहा है. बुधवार को झुलसा देने वाली धूप व गरमी के बीच दोपहर 1.30 बजे मिरचाईबाड़ी में घर लौट रहे थे. उनके चेहरे पर गरमी व थकान साफ झलक रही थी. बढ़ते गरमी से अभिभावक चिंतित हो रहे हैं.
