हालात. जलस्तर कम होने से एलसीटी परिचालन पर असर यात्रियों की हो रही फजीहत

साहेबगंज के बजाय सकरीगली के समदा तक ही हो रहा आवागमन कटिहार : मनिहारी-साहेबगंज गंगा नदी के बीच चलने वाले एलसीटी के परिचालन में इन दिनों परेशानी उत्पन्न हो रही है. इसका मुख्य कारण साहेबगंज के गंगा घाट में जलस्तर का कम होना बताया जाता है. गंगा घाट में पानी की कमी के कारण झारखंड […]

साहेबगंज के बजाय सकरीगली के समदा तक ही हो रहा आवागमन

कटिहार : मनिहारी-साहेबगंज गंगा नदी के बीच चलने वाले एलसीटी के परिचालन में इन दिनों परेशानी उत्पन्न हो रही है. इसका मुख्य कारण साहेबगंज के गंगा घाट में जलस्तर का कम होना बताया जाता है. गंगा घाट में पानी की कमी के कारण झारखंड के साहेबगंज स्थित संकरी गली के समदा घाट से एलसीटी का परिचालन हो रहा है.
इस कारण यात्रियों को खासी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. जिले के मनिहारी से झारखंड के साहेबगंज जलमार्ग होकर आवागमन के लिए गंगा नदी में फेरी सेवा राज्य सरकार के निर्देश पर चलती है. सरकार अपने नियमावली के अनुसार संविदाधारी से एक मुश्त राशि तो ले लेती है, लेकिन इसके बाद सरकार और न ही उनके नुमाइंदे इस बात को देखने का प्रयास करते है कि यात्रियों को किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
यात्रियों की सुविधा का ध्यान नहीं
सरकार आम लोगों की जेब से राशि फेरी सेवा के संविदाधारी के माध्यम से लेती है, लेकिन सुविधा के नाम पर उन यात्रियों को बस किसी प्रकार गंगा नदी पार करा दिया जाता है. बिहार से झारखंड आवागमन करने वाले यात्रियों तक की सुधि न तो स्थानीय प्रशासन ही लेता है और न ही संविदाधारी ही लेते हैं. मनिहारी घाट या साहेबगंज घाट पर एलसीटी में सफर करने पहुंचे यात्री को एलसीटी पर चढ़ा कर उन्हें गंगा नदी के घाट के पार कर दिया जाता है.
इस बीच अगर गंगा नदी में जलस्तर कम रहने के वजह से एलसीटी पानी के बीच धार में फंस जाती है, तो उसे एलसीटी कर्मी बांस के सहारे उक्त स्थल से एलसीटी को नाव की तरह खे कर बाहर निकालते हैं. संभवत इस दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी हो सकती है. एलसीटी डूब भी सकती है.
बताते चलें कि इन दिनों गंगा नदी का जलस्तर काफी कम गया है. इस कारण एलसीटी (पानी वाला मालवाहक जहाज) मनिहारी से खुलता है. वह झारखंड के साहेबगंज तक नहीं जा पाता हैं.
एलसीटी झारखंड के संकरी गली के समदा तक ही जा पाती है. यहां से यात्रियों को पुन: साहेबगंज आना पड़ता है. इस कारण उन यात्रियों को खासी कठिनाई का सामना कर पुन: साहेबगंज दस किलोमीटर की दूरी तय कर करनी पड़ती है.
टिकट काउंटर पर रहती है भीड़
जब मनिहारी घाट से एलसीटी दिख जाती है, तब ही उनका टिकट कांउटर खुलता है. टिकट काउंटर खुलते ही टिकट को लेकर भीड़ उमड़ पड़ती है. इस कारण यात्रियों को भी खासी परेशानी उठानी पड़ती है. साथ ही उन टिकट कांउटर पर धूप अथवा पानी से बचने के लिए किसी प्रकार के शेड की भी व्यवस्था नहीं है. इस कारण यात्रियों को परेशानी होती है.
नया टेंडर, नये लोग
इधर फेरी सेवा में पुन: टेंडर हुआ. इसमें एक नयी समिति ने फेरी सेवा की अनुमति राज्य सरकार से प्राप्त की है. अब देखना है कि फेरी सेवा में कुछ तब्दीली आती है या फिर स्थिती पूर्व की तरह ही रहती है.

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