पुलिस वाहनों में लगा जीपीएस
डीआइजी, डीएम व एसपी ने जीपीएस लगे वाहनों को हरी झंडी दिखा किया रवाना
पटना के बाद कटिहार ही ऐसा जिला है, जहां पुलिस वाहनों में जीपीएस लगाया गया है. पुलिस वाहनों में जीपीएस लग जाने से पुलिसिंग व्यवस्था और भी बेहतर तरीके से होगी. जिले के सभी थाने के वाहनों को जीपीएस के माध्यम से उन पर नजर रखी जा सकती है
कटिहार : पटना के बाद कटिहार सूबे का दूसरा शहर बना, जहां के पुलिस वाहनों में जीपीएस लगाया गया है. इस तरह कटिहार शहर डिजिटल बन गया. डिजिटल शहर.
शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में डीआइजी उपेंद्र प्रसाद सिन्हा, डीएम ललन जी, एसपी डॉ सिद्धार्थ मोहन जैन ने जीपीएस लगे पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर समाहरणालय से रवाना किया. इस मौके पर पूर्व सांसद निखिल कुमार चौधरी, भाजपा नेता चंद्र भूषण ठाकूर, चेंबर अध्यक्ष विमल सिंह बेगानी उपस्थित थे.
उदघाटन समारोह में डीआइजी उपेंद्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि पटना के बाद कटिहार ही ऐसा जिला है, जहां पुलिस वाहनों में जीपीएस लगाया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस वाहनों में जीपीएस लग जाने से पुलिसिंग व्यवस्था और भी बेहतर होगी. जिले के सभी थाने के वाहनों को जीपीएस के माध्यम से उन पर नजर रखी जा सकती है.
जिले में किसी भी प्रकार की अपराधिक घटना होने पर कंट्रोल रूम से संबंधित थाने को सूचित किया जा सकता है या फिर उक्त घटनास्थल से करीब के क्षेत्र में जिस थाने की गाड़ी होगी,
उससे घेराबंदी कर अपराधी को गिरफ्तार किया जा सकता है. दिवा गस्ती हो या फिर रात्रि गस्ती अब संबंधित थाना के अधिकारी जिला कप्तान को झूठ बोलकर बरगला नहीं सकते. पुलिस वाहनों में जीपीएस लग जाने से गाड़ी खड़ी है या चल रही है. वाहन की स्पीड कितनी है. वाहन का रूट कौन सा है, यह सभी बातें कंट्रोल रूम से देखा जा सकती हैं.
